ज़िंदगी बदल रही है- कनिष्ठा धनकर

  • 20 अप्रैल 2011
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कामयाबी मिलने के बाद ज़िंदगी में अक्सर काफ़ी बदलाव आ जाते हैं, और ये बात इस वक़्त कनिष्ठा धनकर से बेहतर भला कौन बता सकता है.

मुंबई की 22 वर्षीय ये मॉडल साल 2011 की मिस इंडिया वर्ल्ड चुनी गई है.

बीबीसी से ख़ास बात करते हुए कनिष्ठा कहती हैं, "ख़िताब जीतने के बाद ज़िंदगी बदल रही है लेकिन पूरी तरह नहीं बदली है. अभी काफ़ी कुछ करना है. मुझे लगता है कि मैं थोड़ी बहुत मशहूर हो गई हूं इसलिए ख़ुश हूं."

कनिष्ठा के मुताबिक़ उन्होंने जो कड़ी मेहनत की थी उसका उन्हें फल मिला. कनिष्ठा ने बताया कि प्रतियोगिता देखने के लिए उनकी बहन और मां-बाप भी आए थे और परिवार के सामने ये ख़िताब जीतने की उन्हें और ज़्यादा खुशी है.

वहीं मिस इंडिया अर्थ चुनी गईं हसलीन कौर ने कामयाबी का श्रेय अपने ट्रेनर्स को दिया. वो कहती हैं, "जब मेरा नाम पुकारा गया, मैंने सबसे पहले दर्शकों में बैठे अपने परिवार और जजों को देखा. उसके बाद मेरी नज़र पहली पंक्ति में बैठे अपने ट्रेनर्स पर गई. उन्होंने सभी 20 प्रतियोगियों पर बहुत मेहनत की है और उनकी कड़ी मेहनत रंग लाई है. मैं उनका शुक्रिया करना चाहती हूं."

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Image caption मिस इंडिया वर्ल्ड कनिष्ठा धनकर

हसलीन की ही तरह की सोच मिस इंडिया इंटरनेशनल चुनी गईं अंकिता शौरी की भी है. अंकिता मानती हैं कि प्रतियोगी एक तरह से 'रेडीमेड प्रोडक्ट' होती हैं जिन्हें ट्रेनर्स 'फ़िनिशिंग टच' देते हैं.

अंकिता ने बीबीसी को बताया, "ये सही है कि हमें बहुत मेहनत करनी पड़ती है. लेकिन ये ख़िताब सिर्फ़ एक महीने की मेहनत का नतीजा नहीं है. इस प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले के 20-22 सालों की परवरिश, आपका व्यक्तित्व सिर्फ़ एक महीने के प्रशिक्षण से नहीं बदल सकता. हम जो असल में हैं, उसे उस एक महीने में निखार कर दुनिया के सामने लाया जाता है."

इस बार की तीनों विजेताओं में एक बात जो समान है वो ये कि ये तीनों ही मिस इंडिया में भाग लेने से पहले ही मॉडलिंग कर रही थीं.

मिस इंडिया वर्ल्ड चुनी गईं कनिष्ठा धनकर कहती हैं कि मॉडलिंग का अनुभव इस प्रतियोगिता के दौरान काम आया. तीनो ही विजेताओं की अगली मंज़िल अब बॉलीवुड है.

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