महाभारत पर फ़िल्म बनाने की तमन्ना-आमिर ख़ान

  • 21 अप्रैल 2011
आमिर ख़ान इमेज कॉपीरइट bbc

आमिर ख़ान की एक तमन्ना है, लेकिन उसे पूरा करने की वो हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं. दरअसल आमिर ख़ान महाभारत पर फ़िल्म बनाना चाहते हैं.

वो कहते हैं, "मेरी चाहत है कि मैं महाभारत पर फ़िल्म बनाऊं. लेकिन जब भी मैं इसके बारे में सोचता हूं तो मुझे डर लगता है कि ऐसा कैसे कर पाऊंगा. इसके लिए बहुत तैयारी की ज़रूरत पड़ेगी. बहुत काम करना पड़ेगा. लेकिन हां, मेरा मन बहुत है इस पर फ़िल्म बनाने का."

आमिर ने ये बातें मुंबई में फ़िल्म ज़ोकोमॉन के प्रमोशन के दौरान कहीं.

ज़ोकोमॉन एक बाल फ़िल्म है जिसके लीड ऐक्टर हैं दर्शील सफ़ारी, जो आमिर ख़ान निर्देशित सुपरहिट 'तारे ज़मीन पर' में काम करके बाल कलाकार के तौर पर वाहवाही पा चुके हैं.

फ़िल्म की पूरी टीम आमिर के बुलावे पर उनके घर पर मौजूद थी. फ़िल्म के निर्देशक सत्यजीत भटकल हैं.

आमिर ने 'ज़ोकोमॉन' के बारे में कहा, "ये दर्शील की फ़िल्म है. वो पहले से भी ज़्यादा प्यारे लगने लगे हैं. सत्यजीत मेरे बचपन के दोस्त हैं. उन्होंने बड़े मन लगाकर ये फ़िल्म बनाई है. स्कूल की छुट्टियों का वक़्त है. इसलिए मुझे लगता है कि ये फ़िल्म ख़ूब चलेगी."

फ़िल्म में मंजरी फड़निस की भी अहम भूमिका है. जो आमिर ख़ान प्रोडक्शंस की फ़िल्म 'जाने तू या जाने ना' में भी एक काम कर चुकी हैं. आमिर ने कहा, "मंजरी बहुत प्यारी लड़की है. वो मुझे जूही चावला की याद दिलाती है."

बचपन की याद

आमिर ख़ान ने बताया कि 'ज़ोकोमॉन' के निर्देशक सत्यजीत भटकल उनके बचपन के दोस्त हैं.

वो कहते हैं, "हम दोनों एकदम अलग किस्म के छात्र थे. उनका दिमाग बहुत तेज़ है. वो हमेशा पहले नंबर पर आते थे, और मैं आख़िरी नंबर पर. लोग विपरीत किस्म के लोगों के प्रति बहुत आकर्षित होते हैं. इसलिए मैं और सत्यजीत बहुत अच्छे दोस्त बन गए."

सत्यजीत भटकल आमिर ख़ान की बतौर निर्माता पहली फ़िल्म 'लगान' की प्रोडक्शन टीम में भी थे.

बाद में उन्होंने 'लगान' पर 'चले चलो' नाम की डाक्यूमेंट्री फ़िल्म भी बनाई जिसे राष्ट्रीय पुरस्कार मिला. सत्यजीत ने 'स्पिरिट ऑफ़ लगान' नाम की किताब भी लिखी.

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