सुपरस्टार का ज़माना गया- अभिषेक बच्चन

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अभिषेक बच्चन की सारी उम्मीदें टिकी हैं 22 अप्रैल को रिलीज़ हुई उनकी फ़िल्म 'दम मारो दम' पर. वजह- लंबे समय से उनकी किसी फ़िल्म को कामयाबी नहीं मिली.

इसी महीने रिलीज़ हुई उनकी फ़िल्म 'गेम' बुरी तरह से फ़्लॉप साबित हुई.

'दम मारो दम' का प्रमोशन करने पहुंचे अभिषेक से जब उनकी हालिया नाकामयाबियों की वजह पूछी गई तो इशारों ही इशारों में उन्होंने अपने आपको इसका ज़िम्मेदार ना बताते हुए कहा, "अब वो अमिताभ बच्चन वाला ज़माना तो रहा नहीं कि लोग अपने चहेते सुपरस्टार को देखने थिएटर में खिंचे चले जा रहे हैं. अब तो किसी स्टार की कोई फ़िल्म सुपरहिट होती है तो भी कई बार अगली ही फ़िल्म का डब्बा गोल हो जाता है. अब जब तक फ़िल्म अच्छी नहीं बनेगी लोग देखने नहीं आएंगे."

'दम मारो दम' के बारे में अभिषेक बोले, "ये बड़ी स्टाइलिश फ़िल्म है. दर्शकों को देखने में मज़ा आएगा. फ़िल्म के निर्देशक रोहन सिप्पी ने पिछले 11 सालों में अपने आप में ज़बरदस्त सुधार किया है. ये उनकी सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म है."

फ़िल्म में अभिषेक बच्चन ने पुलिस अफ़सर की भूमिका अदा की है जिसे गोवा में ड्रग माफ़िया को ख़त्म करने का काम सौंपा जाता है.

Image caption 'दम मारो दम' के टाइटल गाने में दीपिका पादुकोण.

फ़िल्म में बिपाशा बसु, प्रतीक बब्बर और राणा की भी अहम भूमिका है.

गाने पर विवाद ?

फ़िल्म का टाइटल गाना देव आनंद की 1971 में रिलीज़ हुई फ़िल्म 'हरे रामा हरे कृष्णा' के गाने 'दम मारो दम' का रीमिक्स है.

'हरे रामा हरे कृष्णा' का ये गाना ज़ीनत अमान पर फ़िल्माया गया था.

ख़बरें आईं थीं कि देव आनंद और ज़ीनत अमान 'दम मारो दम' के इस टाइटल गाने से ख़ुश नहीं थे.

इस पर अभिषेक ने कहा, "हम सभी लोग देव साहब और ज़ीनत आंटी की बहुत इज़्ज़त करते हैं. हमारा मक़सद किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था."

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