लोग मेरे स्टाइल को मिस करते हैं:अनु मलिक

पुराने और अंग्रेज़ी गानो से ‘प्रेरित’ होकर कई गाने बनाने वाले संगीतकार अनु मलिक को लगता है कि दर्शक उनके ‘स्टाइल’ को मिस कर रहे हैं.

अनु मलिक 6 जून से टीवी पर एक रियेल्टी शो में बतौर जज नज़र आएंगे. इस शो के लिए बुलाई गई प्रैस कॉन्फ़्रैंस में उन्होंने ये बात कही.

अनु मलिक का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रमों में जज भी दमदार होना चाहिए. अनु मलिक कहते हैं,“रियेल्टी शोज़ में प्रतियोगी तो बढ़िया होने ही चाहिए लेकिन जज भी बहुत ज़बरदस्त होने चाहिए क्योंकि जनता को सिर्फ़ बैठे हुए जज पसंद नहीं आते. जनता को हंगामा चाहिए...”

अनु मलिक कहते है कि जिस शो में वो पहले जज रहे हैं वहाँ लोग उनको मिस करते हैं,“मैंने सुना है कि अलग-अलग शोज़ पर मेरे गाने और स्टाइल कॉपी किए जा रहे हैं......तो मुझे अच्छा लगता है कि मेरे स्टाइल को मिस किया जाता है, लोग मुझे बहुत पसंद करते हैं, लोग कहते हैं कि अनु मलिक इस शो में नहीं है तो मज़ा नहीं आ रहा है”

इसी शो में दूसरे जज की भूमिका में फ़राह ख़ान है. फ़राह जल्द ही एक फ़िल्म में एक्टिंग करती भी नज़र आएगी. 'शीरीन फ़रहाद' नाम की इस फ़िल्म को संजय लीला भंसाली बना रहे हैं और संजय की बहन बेला इसका निर्देशन कर रही हैं.

फ़राह अपने एक्टिंग अनुभव के बारे में कहती है, "मैं इसको लेकर काफ़ी नर्वस हो जाती हूं कि क्या मैं ये कर पाउंगी....क्योंकि किसी किरदार को निभाना आसान नहीं है लेकिन बेला और संजय ने कहा है कि वो मेरी मदद करेंगे."

इस फिल्म की कहानी के बारे में बताते हुए फ़राह कहती हैं, “फ़िल्म का नाम शीरीन फ़रहाद है जिसमें मैं शीरीन का और बमन इरानी फ़रहाद का रोल कर रहे हैं. ये पारसी समुदाय पर आधारित है. ये फ़िल्म ऐसे दो लोगों के बारे में है जिनकी शादी और प्यार की उम्र निकल चुकी है. ये प्रेम कहानी है जो थोड़ी ‘फ़नी’ भी है और ‘सैड’ भी….फ़िल्म के लिए वर्कशॉप जुलाई के आखिर में शुरु हो जाएगी.”

दोबारा एक्टिंग करने के बारे में फ़राह ख़ान कहती हैं “अपने द्वारा निर्देशित फ़िल्म में काम करना तो दूर, मैं तो इस फ़िल्म के बाद ऐक्टिंग भी नहीं करना चाहूंगी.”

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