'डेल्ही बैली' का शरारती संगीत

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आपको स्कूल के दिनों में आपकी क्लास का वो उद्दण्ड सा बच्चा याद है जो चुपचाप अपनी चतुराई भरी शरारतों से टीचर को परेशान करने में लगा रहता था.

अपनी चालाक तरकीबों से नियमों से खिलवाड़ करने में उसे मज़ा आता था और कभी कभी तो अपने टीचर्स की ऐसी पैरोडी प्रस्तुत करता था कि पूछिये मत.

'डेल्ही बेली' का संगीत बहुत कुछ उस बच्चे की याद दिलाता है. कुछ और नहीं तो इसकी मंशा बहुत कुछ उस बच्चे सी नज़र आती है.

'डेल्ही बेली' आमिर ख़ान प्रोडक्शन की नई फ़िल्म, युवा दर्शकों के लिये एक एडल्ट कॉमेडी के कलेवर में प्रस्तुति है.

फ़िल्म का संगीत फ़िल्म के उच्छृंखल मुख्य चरित्रों के नज़रिये से गढ़ा गया है.

उन किरदारों की शैतानियां और विद्रोही से स्वर फ़िल्म के संगीत पर ख़ासे हावी हैं और इन्हीं किरदारों के आस पास रचे फ़िल्म के साउंडट्रैक में कुल 10 ट्रैक्स हैं जिन्हें राम संपत ने संगीतबद्ध किया है.

किरदारों के तेवर गीतों मे ढाले हैं अमिताभ भट्टाचार्य, अक्षत वर्मा ने और मुन्ना धीमान ने.

'भाग डीके बोस' एलबम की पहली प्रस्तुति है और इस 'भाग' ने इन दिनों लोकप्रियता की दौड़ में सब गीतों को पीछे छोड़ रखा है.

राम संपत ने अमिताभ भट्टाचार्य के शब्दों को पंक रॉक का जामा पहनाया है.

पंक रॉक (गैरेज रॉक) के बहाने अमिताभ भट्टाचार्य ने उसी उद्दंड और शैतान बच्चे की चतुराई से कुछ असभ्य शब्दों का इस्तमाल किया है. शायद मंशा गीत के बहाने उसी तरह का खिलवाड़ करने की ही है.

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Image caption गीत 'भाग डीके बोस' ख़ासा कामयाब हो चुका है.

राम संपत ने वाद्य संयोजन में गिटार और ड्रम्स का असरदार उपयोग किया है . गीत की सफलता आने वाले दिनों में बहुत से ऐसे अशिष्ट प्रयोगों को जन्म दे सकती है.

गली प्रस्तुति 'सैगल ब्लूज़' भी एलबम की उसी खिलंदड़ प्रकृति का हिस्सा है. चेतन शशितल ने गायकी में के एल सहगल की नकल प्रस्तुत की है.

प्रारम्भ में चेतन अपनी नकल से प्रभावित करते हैं और राम संपत भी विन्टेज दौर और आधुनिक वाद्य संयोजन के प्रयोग से कुछ संभावनाएं जगाते हैं, मगर जल्द ही चेतन की गायकी और गीत, प्रयोगधर्मिता छोड़ मज़ाक का माहौल अपना लेता है और गीत एक साधारण सी पैरोडी बन के रह जाता है.

'स्विट्टी' कीर्ति संगठिया के स्वर मे अगला गीत है. राम संपत की धुन और वाद्य संयोजन पुराना सा लगता है मगर आक्रामक तेवरों की वजह से युवाओं में लोकप्रिय होने की गुंजाइश रखता है.

कीर्ति संगठिया बहुत कुछ कैलाश खेर के अंदाज़ की याद दिलाते हैं. मुन्ना धीमान ने गीत में डेल्ही-लिंगो का आधार लेते हुए हिंदी-इंग्लिश-पंजाबी मिश्रण के बोल रचे हैं.

'स्विट्टी' का रीमिक्स संस्करण भी है जिसके स्वर मूल से ज़्यादा तीखे हैं और डांस फ़्लोर्स पर कुछ दिनों तक धूम मचाने की संभावनाएं रखता है.

'पेंचर' एक और गीत है जहां एक हास्य का असामन्य सा माहौल गढ़ने की कोशिश की है.

मुन्ना धीमान और अक्षत वर्मा ने 'नकद वाले डिस्को, उधार वाले खिसको' जैसे वन-लाइनर्स और स्लैंग्स का सहारा लेकर हास्य उत्पन्न करने की कोशिश की है. शुरुआत के एक दो बार सुनने में कुछ मज़ेदार लगता है ये गीत, मगर कुछ समय बाद बोर करता है.

सोना महापात्र के स्वरों मे अगला गीत है 'बेदर्दी राजा', जो वाद्य संयोजन में "गुलाल" के 'राणा जी' से बहुत प्रभावित लगता है. मगर सोना महापात्रा में अभी रेखा भारद्वाज वाली कशिश मौजूद नहीं है, इसलिये बहुत कोशिश के बावजूद भी वो रंग जमाने में नाकाम रही हैं. 'बेदर्दी राजा 'एक सामान्य सी प्रस्तुति है .

'तेरे सिवा' एलबम में अगला गीत है. एलबम के बाकी गीतों से थोड़ा अलग, ये तरन्नुम मलिक और राम संपत के स्वरों में एक रोमांटिक गीत है.

गीत के स्वर खुशनुमा माहौल की बजाय उदासी के स्वर ओढ़े हुए हैं. मुन्ना धीमान के बोल कहीं कहीं पर प्रभावित करते हैं.

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एक और गीत है 'जा जा चुड़ैल'. आजकल युवा प्रेम में विफ़लता पर, देवदास बनकर एक उदास गीत गाने की बजाय एक रॉक स्टार बन कर आक्रामक तेवरों के साथ हार्ड रॉक में पत्थर-मार गीत गाना ज्यादा पसंद करता है.

गीत उसी अभिव्यक्ति का नमूना है. सूरज जगन ने उसी मुताबिक का मूड गीत में प्रस्तुत किया है.

कुल मिला कर 'डेल्ही बैली' के संगीत में एक ओर शरारत है, मस्ती है, वहीं उद्दंड और खिलंदड़ व्यवहार भी है.

प्रयोगधर्मिता और खुलेपन की आड़ में कुछ हदों को भी पार करता है. युवाओं को इसके स्वर और तेवर ख़ासे पसंद आ रहे हैं, मगर संगीत के नाम पर युवा इससे बेहतर संगीत की अपेक्षा रखते हैं.

'डेल्ही बैली' के संगीत में उस बच्चे की शरारत और खिलवाड़ तो मौजूद हैं मगर उसकी मंशा में बच्चे की मासूमियत नहीं है वरन सोची समझी व्यावसायिक रणनीति रही है और इसके निर्माता बहुत हद तक अपनी रणनिति में सफल हुए हैं.

उस बच्चे की शरारत शायद आपके दिल में ताउम्र रहे पर 'डेल्ही बैली' के गीत बहुत ज़्यादा दिनों तक याद रहने वाले नहीं हैं.

रेटिंग में 'डेल्ही बैली' के संगीत को 2.5/5 (पाँच मे से ढाई नम्बर)

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