नए-नए झगड़े करने पड़ेंगे-शाहरुख़

शाहरुख़ ख़ान

शाहरुख़ ख़ान, अपने और सलमान ख़ान के बीच तथाकथित मनमुटाव के बारे में सवालों के जवाब देते-देते परेशान हो गए हैं.

उनका कहना है कि अगर अब ये बात ख़त्म नहीं हुई, तो उन्हें नए झगड़े करने पड़ेंगे. हाल ही में मुम्बई में एक किताब के लॉन्च पर शाहरुख़ ख़ान मुख्य अतिथि थे और वहां उन्होंने ये बात कही.

एक पत्रकार ने शाहरुख़ से इस बात पर टिप्पणी मांगी कि जब सलमान ख़ान से फ़िल्म 'रा.वन' के प्रोमो के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने मुंह बना लिया, हालांकि कुछ दिन पहले शाहरुख़ ने कहा था कि उनके बच्चों को सलमान की फ़िल्म 'रेडी' के प्रोमोज़ बहुत पसंद आए.

इसके जवाब में शाहरुख़ का कहना था, "कोई और नई बात कीजिए, अगर आप नई बात नहीं करेंगे तो मैं नए-नए झगड़े करूंगा. मैं किसी का नाम नहीं लूंगा लेकिन मुझे लगता है कि हर फ़िल्म स्टार अपने-अपने काम में काफ़ी व्यस्त रहता है. हम में से बहुत कम हैं जो एक-दूसरे के बारे में ऐसे सोचते हैं. कभी-कभार आप पूछ लेते हैं तो हम मज़ाक में कुछ कह देते हैं और फिर बाद में उस ख़बर को देख कर ख़ुद हैरान हो जाते हैं कि मेरा तो मतलब ये नहीं था."

उन्होंने आगे कहा, "वैसे भी ये (सलमान और उनके मनमुटाव) बात पुरानी हो गई है. अगर सलमान ने मुंह बनाया तो शायद इसलिए क्योंकि आपने ऐसा सवाल पूछा. इस बात को पांच साल हो गए हैं और मैं इससे बोर हो चुका हूं और मुझे लगता है कि वो दूसरा व्यक्ति भी बोर हो चुका है. बाकी सबके लिए भी वही बात पढ़ना बोरिंग हो गया होगा. इसलिए बात को ख़त्म करना चाहिए नहीं तो सच कहता हूं कि मुझे कुछ नए झगड़े करने पड़ेंगे."

पढ़ने का शौक़

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Image caption शाहरुख़ अपनी आत्मकथा लिख रहे हैं.

किताब के लॉन्च के मौके पर शाहरुख़ ख़ान ने ये भी बताया कि उन्हें पढ़ने का बहुत शौक है. यहां तक कि वो अपने घर की लॉन्ड्री लिस्ट भी पढ़ते हैं. लेकिन उन्हें इस बात का अफ़सोस है कि इंटरनेट की वजह से आज की पीढ़ी की कल्पनाशक्ति कम हो गई है.

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि इंटरनेट की वजह से बच्चों को 'विज़युल इंफ़ोर्मेशन' ज़्यादा मिलने लगी है इसलिए उनकी कल्पनाशक्ति कम हो गई है. बचपन में जब हम सुनते थे कि बाग़ है और उसमें फूल है तो हम सोचते थे कि फूल कैसा होगा. आजकल तो इंटरनेट पर बाग़ और फूल सबकी तस्वीर मिल जाती है. मैं मानता हूं कि कल्पनाशक्ति को बढ़ाने के लिए पढ़ना बहुत ज़रूरी है. मैं चाहता हूं कि सभी युवा महीने में एक किताब ज़रूर पढ़ें."

आत्मकथा

शाहरुख़ ख़ान सिर्फ़ दूसरों की लिखी किताबें ही नहीं पढ़ते बल्कि वो अपनी आत्मकथा भी लिख रहे हैं.

किताब का नाम 'ट्वेन्टी इयर्स ऑफ़ ए डिकेड' है.

वो कहते हैं, "मैं पिछले दस साल से लिख रहा हूं. ख़ुशकिस्मती ये है कि हर साल कुछ ऐसी अच्छी बात हो जाती है कि किताब ख़त्म ही नहीं हुई. जब मैं इसे ख़त्म कर लूंगा तो कुछ लेखक दोस्तों से संपादन करने के लिए कहूंगा और फिर रिलीज़ करूंगा."

शाहरुख ने बताया कि इस किताब में उनका सबसे पसंदीदा अध्याय उनके मां-बाप के बारे में है.

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