बीबीसी सेवेंटी एम्एम्

  • 18 जुलाई 2011
ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा इमेज कॉपीरइट pr
Image caption ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा

तो ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा या हैरी पॉटर एंड डेथली हैलोज़-पार्ट-2 ...क्या देखना चाहते हैं आप?

अगर आप के मन में भी है यही सवाल तो उसे आसान करने के लिए सुनिए बीबीसी सेवेंटी एमएम जहां हमारी फ़िल्म क्रिटिक नम्रता जोशी बताएंगी की कैसी रहीं ये दोनों फ़िल्में.

हैरी पॉटर एंड डेथली हैलोज़-पार्ट-2 आठ हिस्सों में बनी फ़िल्म की आखिरी कड़ी है जो लंबे इंतज़ार के बाद उस जादूगर और शापित लार्ड वोल्डेमॉर्ट के बीच की लड़ाई दिखाता है जो आखिरकार हैरी को खोजता हुआ हॉगवर्ट्स के दरवाज़े में घुसता है। करीब 2 घंटे 10 मिनट की 'डेथली हैलोज-पार्ट-2' सीरीज़ की सबसे छोटी फिल्म है और सबसे डरावनी भी।

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

वहीं ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा निर्देशक ज़ोया अख्तर की दूसरी फ़िल्म है जिसे स्पेन में शूट किया गया है और जो यह संदेश लेकर आती है कि ज़िन्दगी को पूरे मज़े में और ज़िन्दगी में डूब कर जियो.

साथ साथ सुनिए अभिनेता अभय देओल से ख़ास बातचीत जो बता रहे हैं कि कैसा रहा उनका अनुभव ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा फ़िल्म में काम करते हुए. बात होगी प्रकाश झा की अगले फ़िल्म आरक्षण की और मर्डर-2 की अभिनेत्री जैक्लीन फ़र्नांडिस से भी.

यह सब कुछ सुनिए बीबीसी सेवेंटी एमएम में.

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