‘संगीत प्यार की भाषा,ज़्यादा इस्तेमाल करें’

बीबीसी हिंदी एफ़एम का विशेष कार्यक्रम 'फ़्रेंडशिप बियॉन्ड बॉर्डर्स' जिसमें भारत और पाकिस्तान के जाने-माने गायक-संगीतकार संगीत, आपसी भाईचारे और शांति के बारे में बात कर रहे हैं.

कार्यक्रम की पाँचवी कड़ी पाकिस्तानी गायक और अभिनेता अली ज़फ़र के साथ.

पाकिस्तान के मशहूर गायक और बॉलीवुड में एक्टिंग में आजकल हाथ आज़मा रहे अली ज़फ़र कहते हैं कि संगीत की भाषा का ज़्यादा-से-ज़्यादा इस्तेमाल करना चाहिए.

अली ज़फ़र ने कहा,“संगीत ही एक ऐसा मंच है जो लोगों को जोड़ सकता है. संगीत प्यार की भाषा है और हमें इसका ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल करना चाहिए.”

अली ज़फ़र मानते हैं कि संगीत में दैवीय शक्ति है. वो कहते हैं, “संगीत में जो कशिश है वो बहुत कम चीज़ों में है. इसमें ख़ास ताकत है जो इंसान को अपनी तरफ़ खींचती है. संगीत में एक दैविय शक्ति होती है. मुझे लगता है कि ख़ुदा भी चाहता है कि उसके लोग आपस में अच्छी तरह से रहें.”

अली ज़फ़र मानते हैं कि एक दूसरे का ख़्याल रखना दोस्ती है. उनके अनुसार भारत और पाकिस्तान के लोगों के बीच दोस्ती है और लोग चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच शांति हो.

वो ये भी मानते हैं पड़ोसी होने के नाते भारत और पाकिस्तान के पास एक-दूसरे के साथ रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं है. लेकिन ये तभी हो सकता है जब हम एक दूसरे के पक्ष को समझें. उन्हें ये भी भरोसा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते बेहतर होगें, भले ही इसमें कुछ वक्त लगे.

अली का कहना है, “मुझे लगता है एक समय ऐसा आएगा कि दोनों देशों के बीच हालात सामान्य होंगे. तब हम पीछे मुड़कर देखेंगे तो लगेगा कि हम इन छोटी-छोटी बातों में उलझे रहे, ये तो पहले भी सुलझाई जा सकती थी.”

अली ज़फ़र चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान के रिश्ते,अमरीका और कनाडा की तरह हो, जहाँ दोनों देशों के बीच खुली सीमा हो, खूब सारा व्यापार हो. उनके अनुसार इन सबके लिए लोगों के बीच का संवाद बहुत ज़रुरी है.

भारत में बिताए समय को याद करते हुए अली ज़फ़र कहते हैं, “मैंने जो समय भारत में बिताया है, वो मेरी ज़िंदगी के अहम लम्हों में से एक है.”

अपना अनुभव बांटते हुए अली ने बताया, “एक बार मैं जब चंड़ीगढ़ में गया तो हवा चल रही थी. मैंने सोचा कि ये वो ही हवा है जो यहाँ से चलकर पाकिस्तान के पंजाब चक पहुँचती हैं. जैसे कि गुलज़ार साहब ने कहा है कि आँखों को वीज़ा नहीं लगता, वैसे ही मैंने सोचा कि हवा को भी तो वीज़ा नहीं लगता.”

अली ज़फ़र कहते हैं कि भारतीय लोगों ने जो उन्हें प्यार दिया है, उसके लिए वो उनके आभारी हैं. उन्होंने कहा, “भारतीय फ़ैन्स ने इतना प्यार दिया है कि मैं कितना भी शुक्रिया अदा करुँ वो कम है. मैं जहाँ भी जाता हूँ, जो प्यार और इज़्ज़त मुझे मिलती है, मैं उम्मीद करता हूँ कि मैं इसे लौटा सकूं.”

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