बीबीसी 70 एमएम

 काजोल और उनकी माँ तनूजा
Image caption काजोल कहती हैं कि बचपन में उन्हें अपनी माँ के जूते पहने का बहुत शौक था

बीबीसी 70 एमएम में इस सप्ताह आप सुन सकते हैं अभिनेत्री काजोल को जो कहती हैं कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था की वो हिंदी फिल्मों में काम करेंगी.

काजोल कहती हैं हैं की 1992 में उन्होंने जब अपनी पहली फिल्म बेख़ुदी की तो बस ज्यादा सोचा समझा नहीं, और बस फिर शुरू हो गया सिलसिला एक के बाद एक फिल्मों का.

कार्यक्रम में काजोल के साथ हैं उनके खा़स दोस्त निर्माता निर्देशक करण जोहर. करण शाहरुख़ खान के भी खा़स दोस्त हैं.

करण कहते हैं कि शाहरुख़ उन्हें और वो शाहरुख़ को एक दुसरे के लिए शुभ मानते हैं. इसलिए दोनों एक दुसरे की फिल्मों से किसी न किसी रूप में जुड़ते ही हैं. करण शाहरुख़ खान की आनेवाली फिल्म रा.वन से भी जुड़े हैं.

करण कहते हैं कि एक गुडलक चार्म की हैसियत से उन्होंने इस फिल्म के कुछ द्रश्यों का निर्देशन किया है.

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इस हफ्ते शो में हैं अभिनेत्री माधुरी दीक्षित भी. माधुरी ने बताया की पहली बार उन्होंने क्या पकाया था और किसे खिलाया था.

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Image caption माधुरी को काँधे पोहे बहुत पसंद हैं

बीबीसी 70 एमएम में बात हो रही है इस सप्ताह रिलीज़ हुई फिल्मों की भी.

इस हफ्ते पंकज कपूर अभिनीत चला मुसद्दी ऑफिस ऑफिस रिलीज़ हुई. जहां एक और जनता को ये फिल्म भाई वहीं फिल्म समीक्षक नम्रता जोशी को ये फिल्म छिछली लगी.

नम्रता कहती हैं कि जब भी किसी प्रसिद्ध टीवी धारावाहिक को फिल्म में बनाने की कोशिश की जाती है तो अक्सर लोग फिल्म भी धारावाहिक की ही तरह बना देते हैं.

इस हफ्ते की दूसरी रिलीज़ है बाल फिल्म आइ एम कलाम.

ये एक ऐसे बच्चे की कहानी है जो एक ढाबे में काम करता है और जिसे पड़ने का बहुत शौक है. कार्यक्रम में सुनिए फिल्म समीक्षक नम्रता जोशी की राय आइ एम कलाम के बारे में.