आरक्षण तय समय पर ही रिलीज़ होगी:प्रकाश झा

अमिताभ बच्चन, दीपिका पडुकोण और प्रकाश झा इमेज कॉपीरइट BBC World Service

निर्माता-निर्देशक प्रकाश झा ने कहा है कि एक फ़ाइनेंसर का चेक बाउंस होने के मामले का उनकी फ़िल्म आरक्षण से कुछ लेना-देना नहीं है. ये प्रतिक्रिया प्रकाश झा ने मद्रास हाई कोर्ट के फ़िल्म आरक्षण से जुड़े फ़ैसले के बारे में दी. मद्रास हाई कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए फिल्म की रिलीज़ पर तब तक के लिए रोक लगा दी है, जब तक निर्माता फिल्म के फाइनेंसर, जीजी फ़ोटोज़ लिमिटिड, से उधार ली गई साढ़े तीन करोड़ रुपए से ज़्यादा की रकम नहीं लौटाते.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, प्रकाश झा का कहना था, "फ़िल्म के सारे अधिकार केवल प्रकाश झा प्रोड्क्शन्स के पास हैं. चेक बाउंस होने का मामला फ़िल्म के सह-निर्माता फ़िरोज़ ए नाडियाडवाला और जीजी फ़ोटोज़ लिमिटिड के सुशील गुप्ता के बीच है. इसका फ़िल्म से कोई संबंध नहीं है. नाडियाडवाला मामले को सुलझा रहे हैं. आरक्षण तयशुदा तारीख, 12 अगस्त, पर दुनिया भर में रिलीज़ की जाएगी."

बीबीसी ने जब प्रकाश झा से इस विषय पर बात करने की कोशिश की तो उन्होंने इस बारे में बात करने से इंकार कर दिया.

प्रकाश झा के निर्देशन में बनी फ़िल्म में अमिताभ बच्चन, सैफ़ अली ख़ान, दीपिका पादुकोण, मनोज बाजपेयी और प्रतीक बब्बर मुख्य भूमिकाओं में हैं.

विवाद के घेरे में

फ़िल्म इससे पहले भी विवादों के घेरे में रही है.

पिछले सप्ताह लखनऊ प्रशासन ने प्रकाश झा और अमिताभ बच्चन सहित फ़िल्म के अन्य कलाकारों को फिल्म के प्रचार के लिए प्रेस कांफ्रेंस और गोष्ठी करने की अनुमति रद्द कर दी थी. इसकी वजह कांग्रेस सांसद और केंद्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पी एल पुनिया, रिपब्लिकन पार्टी और स्वराज्य पार्टी का फ़िल्म का विरोध बताया गया था जिससे कार्यक्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने में समस्या होने की आशंका जताई थी.इससे पहले प्रशासन ने 29 जुलाई को इस कार्यक्रम की अनुमति दे दी थी.

फिल्म निर्माता कंपनी प्रकाश झा प्रोडक्शंस ने पहले लखनऊ विश्वविद्यालय में आरक्षण विषय पर छात्रों के साथ संवाद रखा था लेकिन विश्वविद्यालय ने इसकी अनुमति नहीं दी.उसके बाद एक डिग्री कालेज में चुनिंदा छात्रों के साथ संवाद और प्रेस कांफ्रेंस रखी गई.लेकिन बिलकुल आख़िरी वक्त पर प्रशासन ने अनुमति देने से इनकार कर दिया.

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग ने भी फ़िल्म की रिलीज़ से पहले इसे देखने की मांग की है.

कुछ समय पहले फ़िल्म के एक प्रचार कार्यक्रम में सैफ़ अली ख़ान ने प्रकाश झा में भरोसा जताते हुए माना था कि उन्हें भी फ़िल्म के रिलीज़ न होने का डर है. लेकिन सैफ़ का कहना था, "फ़िल्म सेंसर ने पास कर दी है इसलिए ये रिलीज़ होनी चाहिए. हालांकि मैं लोगों की चिंता समझता हूं लेकिन मुझे यक़ीन है कि एक बार लोग फ़िल्म देख लेंगे तो उनकी सारी संशय ख़त्म हो जाएंगे."

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