आशा ताई जैसा कोई नहीं !

आशा भोसले

60 साल से भी लंबा सुरीला सफ़र, जो आज भी जारी है. भजन हो, कैबरे या रोमांटिक गाना-- हर तरह के गानों में अपनी छाप छोड़ने वाली आशा भोसले आठ सितंबर को 78 साल की हो गईं. उन्होंने हिंदी, उर्दू, अंग्रेज़ी और अरबी सहित कई भाषाओं में गाने गाए हैं.

उनके जन्मदिन पर हिंदी फ़िल्म संगीत से जुड़ी कई हस्तियों ने अपनी प्यारी आशा ताई को बधाई दी.

संगीतकार ख़य्याम कहते हैं कि आशा भोसले की प्रतिभा भगवान की देन है. 1981 में आई फ़िल्म ‘उमराव जान’ में आशा जी ने उनके संगीत में यादगार ग़ज़लें गाईं. उस फ़िल्म के बारे में ख़य्याम साहब ने बताया कि शुरु में वो आशा भोसले की गायकी से संतुष्ट नहीं थे, फिर उन्होंने ख़ुद गाकर बताया कि वो क्या चाहते हैं.

ख़य्याम कहते हैं, “मुझे सुनने के बाद आशा जी ने कहा कि अगर इस तरह से गाना है तो मुझे कम-से-कम आठ दिन रिहर्सल करनी होगी. उस समय उनके हर रोज़ औसतन तीन गाने रिकॉर्ड होते थे लेकिन फिर भी उन्होंने वक्त निकाल कर रिहर्सल की. ये एक बड़े आर्टिस्ट की निशानी है.”

आशाजी के व्यक्तित्व के इसी पहलू से संगीतकार ललित पंडित भी बहुत प्रभावित हैं. वो कहते हैं, “आशाजी हमेशा रिहर्सल करने पर ज़ोर देती हैं. वो इतनी बड़ी गायिका हैं लेकिन अभी तक कहती हैं कि रिहर्सल करने आ रही हूं, बताओ कब आऊं. इतना ही नहीं, गाने के बारे में सारी बात पूछती हैं, जैसे किस हीरोइन पर फ़िल्माया जाएगा, वगरैह, वगरैह. काश कि आज के सिंगर्स में भी ये बात होती. सोचिए कितनी ईमानदारी और नम्रता हैं उनमें.”

ललित पंडित ने ये भी बताया कि आशा भोसले काम के दौरान बहुत मस्ती करती हैं, बहुत हंसाती हैं जिससे हंसते-खेलते मूड में पूरा गाना हो जाता है.

ईमानदार, परिंदा, सत्या जैसी फ़िल्मों में आशा भोसले के साथ गाने वाले गायक सुरेश वाडकर मानते हैं कि आशा जी की आवाज़ की वर्सेटैलिटी अपने किस्म की अकेलीह है.

वो कहते हैं, “हम जिनको गाड़ियों में खाली आते-जाते देखा करते थे, उनके साथ काम करने का मौका मिलना भाग्य की बात है. विदेश में मैं पहली बार प्रोग्राम करने आशा ताई के साथ ही गया. उन्होंने मुझे जितनी इज़्ज़त दिलाई, शब्दों में बयां करना मुश्किल है.”

संगीतकार आदेश श्रीवास्तव और गायक शान भी आशा भोसले की आवाज़ वर्सेटैलिटी के क़ायल हैं.

आदेश श्रीवास्तव ने कहा, “उनकी जो वर्सेटैलिटी है, आज भी उनको कोई टक्कर नहीं दे सकता है. इस उम्र में भी उनका काम जो करने का जुनून है, वो हम सब के लिए उदाहरण है.”

वहीं शान मानते हैं कि आशा भोसले जैसा न कोई आया है और न ही आगे कभी आएगा. वो कहते हैं कि आशा जी को सुन कर लगता है ऐसा गाना भी संभव है, ऐसा भी गाया जा सकता है.

आशा भोसले के बारे में पॉप गायिका शिबानी कश्यप ने कहा, “उनकी गायकी में इतना भाव है जो मैंने किसी और गायक में नहीं सुना. कह सकते हैं कि वो किशोर कुमार की फ़ीमेल वर्ज़न हैं. उन्होंने अपने शास्त्रीय गायन की शिक्षा को बॉलीवुड गायकी में बहुत बढ़िया तरीके से इस्तेमाल किया है.”

शिबानी ये भी कहती हैं, “ज़्यादातर गायकों की अपनी एक शैली होती है और वो उसी तरह से गाते हैं लेकिन आशा जी हर शैली के गाने गा सकती हैं, चाहे वो भजन हो, गीत हो, ग़ज़ल या आइटम नम्बर.”

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