बेहतर 'सुनते' हैं संगीतकार

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Image caption संगीतकार आम लोगों से अधिक उम्र तक बेहतर सुन पाते हैं.

कनाडा में एक शोध में पाया गया है कि ज़िंदगी भर संगीत वाद्ययंत्रों को बजाने से बुढ़ापे तक आपके सुनने की शक्ति की रक्षा की जा सकती है.

साइकोलोजी ऐंड एजिंग नामक पत्रिका में प्रकाशित लेख के अनुसार इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए 74 व्यस्क संगीतकारों और 89 साधारण लोगों का अध्ययन किया गया.

इस अध्ययन में पाया गया कि 70 वर्षीय संगीतकार की सुनने की शक्ति 50 वर्षीय साधारण व्यक्ति जितनी ही होती है.

लेकिन अध्ययन में कहा गया है कि सभी लोगों को अपने श्रवण शक्ति की नुकसान पहुंचाने से रोकने के लि तत्पर होना चाहिए.

उम्र बढ़ने के साथ लोगों की सुनने की शक्ति कम होती जाती है. साठ साल की उम्र तक 10 से 30 प्रतिशत लोगों को सुनने में दिक्कतें आनी शुरू हो जाती हैं. अस्सी वर्ष की उम्र तक ये संख्या 60 प्रतिशत हो जाती है.

अध्ययन के अनुसार सबसे प्रमुख दिक्कत ‘सेंट्रल ऑडिटरी प्रोसेसिंग सिस्टम’ में आती है. ये सिस्टम शब्दों को शोर की पृष्ठभूमि में समझने में काम आता है. इसे साधारण भाषा में ‘कॉकटेल पार्टी प्रॉब्लम’ कहा जाता है.

इससे पहले भी कुछ अध्ययनों ने दावा किया है कि संगीतकारों की सुनने की शक्ति आम लोगों से बेहतर होती है.

लेकिन इस विस्तृत स्टडी में 18 से 91 वर्ष के लोगों की सुनने की शक्ति का गहन अध्ययन किया गया.

अध्ययन के अनुसार आजीवन संगीतकारों के दिमाग़ में उम्र से संबंधित परिवर्तनों को बेहतर ढंग से संभालने की क्षमता रहती है. ऐसा शायद इसलिए है क्योंकि संगीतकार लंबे समय तक लगातार अपने ‘ऑडिटरी सिस्टम’ का प्रयोग करते हैं.

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