संगीत समीक्षा-रा.वन

शाहरुख़ खान और करीना कपूर

सच बताऊं तो रा.वन के संगीत से मुझे कुछ ख़ास अपेक्षा नहीं थी. हमारे यहां सुपर-हीरो की स्तरीय फ़िल्में कभी-कभार ही देखने को मिलती हैं. और उनमें संगीत उपेक्षित पक्ष ही रहता है. इस तरह की फ़िल्मों में संगीत से ज़्यादा ध्वनि, और मेलोडी की बजाय टैक्नो-साउंड्स पर ज़ोर दिया जाता है.

प्रतिभाशाली जोड़ी विशाल-शेखर ने अपने रूटीन संगीत से पिछले कुछ समय में निराश ही किया है. इसलिये पिछले कुछ सालों की सबसे महत्वाकांक्षी और बड़ी फ़िल्म होने के बावजूद मुझे रा.वन के संगीत से बहुत उम्मीदें नज़र नहीं आ रहीं थी.

लेकिन रा.वन का अब तक सुना संगीत मुझे अलग अलग रंगों के गीतों की वजह से पसंद आया है, और शायद इस कारण से भी कि मझे उम्मीदें बहुत ज्यादा नहीं थीं.

एलबम में कुल पन्द्रह ट्रैक्स हैं जिनमे एक तिहाई अकेले छम्मक छल्लो की उपस्थिति दर्ज़ कराते हैं, पाँच अलग अलग वर्ज़न्स में, इसके अतिरिक्त तीन पार्श्व संगीत के टुकड़े हैं. पंछी जालोनवी, विशाल डडलानी, निरंजन अय्यर, कुमार, अन्विता दत्त गुप्तन और स्वयं अनुभव सिन्हा के नाम अलग अलग गीतों के गीतकार के तौर पर दिये गये हैं.

‘छम्मक छल्लो’ से एल्बम को एक थिरकाने वाली शुरुआत मिलती है. एक हल्का फ़ुल्का, मस्ती भरा पार्टी गीत है जो इन दिनों लोकप्रियता की सीढ़ियों में सबसे ऊपर खड़ा नज़र आ रहा है. प्रसिद्ध अन्तराष्ट्रीय गायक ’एकोन’ की ये प्रस्तुति इंटरनेट पर लीक के बाद बनी हाईप पर खरी उतरने में सफ़ल हुई है.

एकोन की गायकी का अंदाज़ और हिंदी में उच्चारण गीत को मज़ेदार बनाने में पूरा सहयोग करते हैं. मुख्य वर्ज़न में हंसिनी अय्यर ने ’एकोन’ का बख़ूबी साथ दिया है. ‘छम्मक छल्लो’, संगीत रीलीज़ के बाद तात्कालिक सफ़लता तो हासिल कर चुका है मगर इसमें बहुत ज्यादा समय तक लोकप्रिय रहने के तत्व नहीं हैं और फ़िल्म के रीलीज़ तक शायद अपनी चमक बरकरार ना रख पाए. फिर भी आने वाले शादी के सीज़न को देखते हुए कहा जा सकता है कि गीत कुछ समय तो चारों ओर सुनाई देगा.

विशाल-शेखर जिस गीत में अपनी प्रतिभा का पूरा परिचय देते हैं वो है नन्दिनी श्रीकर का गाया ’बहे नैना, भरे नैना’. नन्दिनी की गायकी बेहद ख़ूबसूरत है और पंछी जालोनवी के पारम्परिक से बोल भी उल्लेखनीय हैं. विशाल-शेखर, नन्दिनी के दर्द के सुरों के साथ, अपने वाद्य संयोजन और ध्वनि के प्रयोगों के साथ-साथ, प्राग फिलहार्मोनिक ऑर्केस्ट्रा के कोरस से, सुपर-हीरो का अनूठा रहस्मय सा संसार रचने में सफ़ल हुए हैं. उम्मीद है फ़िल्म के किसी निर्णायक मोड़ का साक्षी होगा ये गीत और, बहुत कुछ अनुभव सिन्हा के अनुभव पर निर्भर करता है कि पर्दे पर कितनी असरदार तरीके से प्रस्तुत कर पाते है, इस खूबसूरत गीत को.

फ़िल्म के कथानक और सुपर-हीरो की अनोखी दुनिया के महौल को एक और ज़बरदस्त गीत में देखा जा सकता है, ‘रफ़्तारें’. विशाल-शेखर गीत में पंचम के संगीत और स्वरों से पूरी तरह से प्रभावित लगते हैं और गीत में अनूठापन लाने के लिये पंचम के असामान्य ‘वॉइस टैक्स्चर’ को आधार बना कर विशाल ने अपने स्वरों में ये असरदार प्रस्तुति दी है. संगीत के हर नोट में भी पंचम का प्रभाव देखा जा सकता है. वाद्य संयोजन गीत में ट्रैन चेज़ के सीन का आभास देता है और पर्दे पर एक दमदार उपस्थिति होने की सम्भावना जगाता है. शेखर ने गायकी में विशाल का अच्छा साथ दिया है.

अगला गीत ‘दिलदारा’ एल्बम को एक अलग रंग देता है. गीत की मूल धुन, बैन ई. किंग के एक बहुत प्रसिद्ध इंग्लिश गीत ‘स्टैंड बाय मी’ की है और मूल धुन के अधिकार लेकर एक नया रंग, नया गीत देने की कोशिश की गई है. फ़िल्म की रक्षक (प्रोटेक्टर) थीम के अनुरूप है ये गीत जिसे शफ़क़त अमानत अली ने अपने स्वर दिये है. शफ़क़त की गायकी गीत को सुनने लायक बनाती है. कुमार के बोल भी ठीक-ठाक से हैं. छम्मक छल्लो के बाद ये गीत भी लोकप्रिय होने की काफ़ी गुंजाइश रखता है.

‘एकोन’ फिर से एल्बम में मौजूद हैं एक और पार्टी गीत ‘क्रिमिनल’ में. विशाल-शेखर ने गीत में टैक्नो साउंड और भांगड़ा बीट्स का मेल प्रस्तुत किया है. गीत में एकोन का साथ दिया है श्रुति पाठक ने. डांस फ़्लोर्स और डिस्को थेक्स में कुछ दिन ज़रूर धूम मचायेगा ये गीत. सुखविंदर की आवाज़ में फ़िल्म के सुपर-हीरो की दुनिया का एक और गीत है ‘जिया मोरा घबराये’. संगीत प्रस्तुति के तौर पर ज़्यादा दमदार नहीं है, पर फ़िल्म में सुपर हीरोज़ की टक्कर के दृश्यों में शायद असर छोड़ सकता है.

‘राईट बाय माय साइड’ प्रोटेक्टर की थीम पर एक और प्रस्तुति है एलबम की, सिड के स्वरों में. विशाल-शेखर यहां बिना प्रयोग किये, अपने पुराने टैम्प्लेट के साथ नज़र आते हैं और ये गीत बाकी गीतों के मुक़ाबले थोड़ा बासी सा लगता है.

इन गीतों के अलावा तीन थीम ट्रैक्स है जिनमें विशाल शेखर ने प्राग फिलहार्मोनिक ऑर्केस्ट्रा का सहयोग लिया है. अन्तर्राष्ट्रीय सुपर-हीरो फ़िल्मों में इस तरह के ट्रैक्स फ़िल्म मे किरदार की तरह उपयोग मे लिये जाते हैं और फ़िल्म का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं लेकिन रा.वन के ये तीन ट्रैक अन्तर्रष्ट्रीय थीम्स के सामने बौने और फ़ीके से लगते हैं. पर्दे पर कुछ दृश्यों का प्रभाव बढ़ाने में कितना सहयोग दे सकते हैं ये तो फ़िल्म के रीलीज़ के बाद ही पता चल पाएगा.

कुल मिलाकर रा.वन का संगीत अपनी हाईप पर खरा उतरने में सफ़ल रहा है. विशाल-शेखर ने फ़िल्म के कथानक मे सीमित दायरे के बावजूद अलग-अलग रंगों के गीतों का बखूबी समायोजन किया है और लगभग सभी गीतों में लोकप्रिय होने के तत्व मौजूद हैं.

हालांकि पार्श्व संगीत के ट्रैक्स एक अन्तर्राष्ट्रीय सुपर-हीरो की फ़िल्मों के संगीत के समकक्ष रखने लायक नहीं है. छम्मक छल्लो ने फ़िल्म को अभी से एक मज़बूत आधार देने का बड़ा काम किया है और एकोन की उपस्थिति फ़िल्म को एक अन्तर्राष्ट्रीय मंच देने में भी सफ़ल होगी.

रेटिंग के लिहाज़ से रा.वन के संगीत को पाँच में से तीन (3/5)

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