अमर रहेंगे नवाब पटौदी !

  • 23 सितंबर 2011
मंसूर अली खान पटौदी इमेज कॉपीरइट bbc
Image caption नवाब पटौदी भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे युवा कप्तान थे.

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मंसूर अली ख़ान पटौदी के निधन से क्रिकेट जगत ही नहीं बल्कि हिंदी फ़िल्म जगत भी शोकाकुल है.

उनके परिवार में उनकी पत्नी शर्मिला टैगोर, बेटे सैफ़ अली ख़ान और बेटियाँ सोहा अली ख़ान और सबा अली ख़ान हैं.

अभिनेता ऋतिक रोशन ने कहा, ''नवाब पटौदी के जीवन से लाखों लोगों ने प्रेरणा ली है, और इसलिए शोक मानने के बजाय हमें उन्हें सलाम करना चाहिए और उनके जीवन से सीख लेनी चाहिए.''

अभिनेता विवेक ओबेरॉय ने कहा कि नवाब पटौदी एक महान व्यक्ति थे. विवेक कहते हैं, ''जब मैं सैफ़ अली खान के साथ एक फ़िल्म में काम कर रहा था तब सैफ़ मुझे पटौदी साहब से जुड़े कई किस्से सुनाया करते थे. इन किस्सों के ज़रिये मैं नवाब साहब को बहुत करीब से जान पाया.''

मंसूर अली ख़ान पटौदी ने भारत की ओर से 46 टेस्ट खेले और छह शतक लगाए. सिर्फ़ 21 साल की उम्र में भारतीय टीम की कमान संभालने वाले पटौदी भारत के सबसे युवा कप्तान बने. अपनी कप्तानी में पहली बार भारत को विदेशी धरती पर जीत दिलाई.

अभिनेता शाहरुख़ ख़ान कहते हैं कि पटौदी एक प्रतिष्ठित क्रिकेटर होने के साथ साथ एक सज्जन पुरुष भी थे. वो कहते हैं, ''बचपन से ही मेरा नवाब साहब के साथ एक अलग सा लगाव रहा, मेरे पास उनकी कई तस्वीरें भी हैं. नवाब साहब के परिवार से भी मेरे संबंध घनिष्ठ हैं. मैं बस यही प्रार्थना करता हूं की भगवान उनके परिवार को इस वक़्त शक्ति दे.''

टाइगर के नाम से चर्चित मंसूर अली ख़ान पटौदी के निधन पर शोक जताते हुए फ़िल्मकार राकेश ओमप्रकाश मेहरा कहते हैं कि पटौदी जैसे लोग कभी इस दुनिया से जा ही नहीं सकते, वो तो अमर हैं. वहीं फ़िल्मकार प्रकाश झा कहते हैं कि नवाब पटौदी को भुला पाना संभव नहीं है, उन्हें पूरा देश प्यार करता था.

अभिनेता अनुपम खेर कहते हैं कि नवाब साहब भारतीय क्रिकेट जगत के पहले सुपरस्टार थे. वो जब तक जिए शान से जिए. गीतकार जावेद अख़्तर भी मानते हैं की पटौदी एक उम्दा शख्स थे.

फिल्म निर्देशक रमेश सिप्पी कहते हैं कि नवाब पटौदी एक शानदार आदमी थे. रमेश कहते हैं कि उन्होंने पटौदी के कई मैच देखे थे और वो उनके खेल से काफी प्रभावित हुए थे.

हाल ही मैं इंडियन प्रीमियर लीग के चेयरमैन चुने गए राजीव शुक्ला कहते हैं, ''मैं हाल ही में अस्पताल में पटौदी साहब से मिलने गया था, उनका स्वास्थ्य गंभीर था. पटौदी के जाने से क्रिकेट की दुनिया को भारी नुकसान हुआ है. मैनें उनके साथ पांच सालों तक क्रिकेट की गवर्निंग काउंसिल में काम किया और बहुत कुछ सीखा भी.''

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