द डर्टी पिक्चर

नसीरुद्दीन शाह और विद्या बालन. इमेज कॉपीरइट pr
Image caption विद्या 'द डर्टी पिक्चर’ में सिल्क स्मिता के किरदार में हैं.

'द डर्टी पिक्चर’ एकता कपूर के प्रोडक्शन की नई फ़िल्म है और उनकी पिछली कुछ फ़िल्मों की तरह इस बार भी एक सनसनीखेज़ विषय पर है.

फ़िल्म सत्तर और अस्सी के दशक की कैबरे डांसर और अभिनेत्री सिल्क स्मिता का बायोग्राफिकल अकाउंट है. विद्या बालन के मुख्य किरदार को निभाने की वजह से फ़िल्म को एक विश्वस्नीयता मिली है और फ़िल्म मे बारे में काफ़ी उत्सुकता है. फ़िल्म में संगीत दिया है विशाल-शेखर की जोड़ी ने और गीत लिखे हैं रजत अरोड़ा ने, जो फ़िल्म के कथाकार और संवाद लेखक भी हैं.

क्योंकि फ़िल्म सन सत्तर और अस्सी के दशक के घटनाक्रम पर आधारित है इसलिये विशाल-शेखर ने संगीत के तेवरों में बप्पी लाहिरी के दौर के रेट्रो स्वरों को प्रमुखता दी है. एलबम में चार मुख्य गीतों के साथ कुल छह ट्रैक्स हैं जिनमें फ़िल्म के वातावरण के अनुकूल उत्तेजना और शरारतों के रंग हावी हैं.

‘उह ला ला’ एलबम की पहली प्रस्तुति है, एलबम को एक ज़बरदस्त शुरुआत देती है. गीत बॉलीवुड के अस्सी के दशक के दौर में ले जाता है जहां जीतेन्द्र-श्रीदेवी-जयाप्रदा की तिकड़ी और बप्पी लाहिरी के संगीत को बॉक्स ऑफ़िस पर सफ़लता की गारंटी माना जाता था. विशाल-शेखर ने ‘उह ला ला’ को बहुत कुछ बप्पी लाहिरी के फ़िल्म मवाली के, ‘उई अम्मा उई अम्मा, मुश्किल ये क्या हो गई’ पर आधारित किया है और एक उचित माहौल देने के लिये बप्पी लाहिरी को गायक के रूप में मौका दिया है. बप्पी, विशाल-शेखर (और फ़िल्म के निर्देशक मिलन लूथरिया) के लिये पहले भी टैक्सी न. 9-2-11 में स्वर दे चुके हैं और यहां श्रेया घोषाल के साथ गायक के रूप में फिर से उपस्थित हैं. गीत उस दौर के संगीत को एक मज़ेदार सी श्रद्धांजलि है.

श्रेया घोषाल अपनी गायकी से गीत को एक नटखट, शरारती सा मूड देने में कामयाब हुई हैं और बप्पी भी अपने अंदाज़ से गीत को और मज़ेदार बनाते हैं. गीत में मस्ती है, रवानी है और विशाल-शेखर उस दौर की नब्ज़ को पकड़ कर एक थिरकाने वाली रचना देने में कामयाब रहे हैं. पर्दे पर विद्या बालन के साथ नसीरुद्दीन शाह धमाल मचाने की बहुत गुंजाइश रखते हैं.

एलबम में एक और अच्छी प्रस्तुति है इश्क सूफ़ीयाना. ये एक सॉफ़्ट सूफ़ी गीत है जो इन दिनों बॉलीवुड में एक लोकप्रिय टैम्प्लेट है. गीत बहुत कुछ सिंघम के बदमाश दिल (संगीतकार-अजय-अतुल) या मिलन लूथरिया की पिछली फ़िल्म वन्स अपॉन अ टाइम इन मुम्बई (संगीतकार-प्रीतम) के गीतों की याद दिलाता है. गीत का ख़ास पहलू है नये गायक कमल खान का भावपूर्ण गायन, जो विशाल-शेखर के ही सानिध्य में पिछले वर्ष टीवी पर सारेगामा सुपर सिंगर का ख़िताब जीत चुके हैं. फ़िल्म में मिले इस मौके को कमल ने अच्छी तरह भुनाया है और आने वाले दिनों में काफ़ी संभावनाएं जगाती है उनकी आवाज़. इस गीत के एक और वर्ज़न में सुनिधि चौहान के स्वरों हैं और सुनिधि ने अपनी गायकी से अपने वर्ज़न में भी अच्छा रंग जमाया है. आईटम सॉंग्स और डांस फ़्लोर्स के लिये गीतों से दूर और अलग, सुनिधि की गायकी यहां राहत प्रदान करती है. विशाल-शेखर ज़रूर धुन और वाद्य संयोजन के स्तर पर इस टैम्प्लेट में नवीनता देने में नाकाम रहे हैं और निराश करते हैं.

‘हनीमून की रात’ सुनिधि के स्वरों में एक साधारण सी रचना है. विशाल-शेखर ने गीत को फिर से अस्सी के दशक के बप्पी लाहिरी के डिस्को-कैबरे गीतों का आधार देने कि कोशिश की है लेकिन धुन और वाद्य संयोजन के स्तर पर अपना कमाल नहीं दिखा पाये. गीतकार रजत अरोड़ा भी काम चलाऊ शब्दों से निराश करते हैं.

‘ट्विंकल- ट्विंकल’ सिल्क स्मिता के दौर का एक प्रतिनिधि गीत है. विशाल-शेखर ने रेट्रो स्वरों के लिये परिवर्तन के तौर पर इस बार पंचम के संगीत को आधार में लिया है. मादल का प्रयोग पंचम के संगीत की याद दिलाता है और एक हुक तो पंचम के ‘तुम क्या जाने मुहब्बत क्या है’ से ही उठाया गया है. श्रेया की गायकी अच्छी है और पंचम के अंदाज़ में उनका साथ दिया है राना मजूमदार ने.

लेकिन ऊम्फ फ़ैक्टर के स्तर पर ‘उह ला ला’ जितना असरदार नहीं है ये गीत. गीत के बोलों को रजत अरोड़ा ने नर्सरी राइम्स के चरित्रों और बॉलीवुड के नामों के उपयोग से मज़ेदार बनाने की कोशिश की है मगर उनका ये प्रयास बहुत साधारण रहा है. बोलों पर थोड़ी मेहनत की जाती तो एक मज़ेदार गीत की सम्भावना थी ‘ट्विंकल- ट्विंकल’ में.

कुल मिलाकर ‘द डर्टी पिक्चर’ का संगीत कुछ अच्छे और कुछ बेहद साधारण गीतों का मेल है. ‘उह ला ला’ फ़िल्म के दौर का प्रतिनिधित्व करता है और फ़िल्म के लिये निश्चित तौर पर एक माहौल बनाने में सफ़ल होगा. ‘हनीमून की रात’ और ‘ट्विंकल- ट्विंकल’ में धुन और बोलों के स्तर पर कुछ मेहनत और की जाती तो एलबम निश्चित तौर पर एक सराहनीय प्रयास हो सकता था. एलबम ‘उह ला ला’ और ‘इश्क सूफियाना’ के लिये सुना जा सकता है.

रेटिंग के लिहाज़ से ‘द डर्टी पिक्चर’ के संगीत को 2.5/5 (पांच मे से ढाई)

संबंधित समाचार