शाहरुख़ ख़ान हुए 46 वर्ष के

  • 2 नवंबर 2011
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Image caption आम चीज़ों की तरफदारी करते हैं शाहरुख़ खान

एक आम आदमी की क्या ख़्वाहिश होती है? यही न कि उसके पास धन-दौलत हो, शोहरत हो, लोग उसे जाने उसे प्यार करें. वैसे आज ये सब चीज़ें हैं अभिनेता शाहरुख़ खान के पास लेकिन शायद शाहरुख़ के लिए इन सब बातों की उतनी अहमियत नहीं है जिनती की किसी आम आदमी के लिए हो.

शाहरुख़ कहते हैं, ''मुझे ऐसा लगता है इंसान को आम ही रहना चाहिए. आम चीज़ों का शौक रखना, आम काम कर पाना ही अपने आप में ख़ास होता है. कोई भी चीज़ ख़ास तो पैदा नहीं होती, अगर आप आम चीज़ों से प्यार करेंगे तो वो अपने आप ही ख़ास बन जाएंगी. हर ख़ास चीज़ की शुरुआत तो आम ही होती है.''

भाई शाहरुख़ कितनी भी आम चीज़ों की तरफदारी कर लें लेकिन सच तो ये ही है कि वो आम नहीं ख़ास है.

हाल ही में शाहरुख़ खान की फ़िल्म रा.वन रिलीज़ हुई, भले ही इस फ़िल्मों को वो प्रतिक्रिया नहीं मिली जिसकी उम्मीद थी, लेकिन फिर भी शाहरुख़ कहते हैं, ''रा.वन जैसी फ़िल्म बनाने का मौका एक बार ही मिलता है.

इतने सालों से मैनें काम करते-करते मैनें जो भी पैसा कमाया, नाम कमाया, जनता का प्यार कमाया वो सब मैंने इस फ़िल्म को बनाने में लगा दिया है.''

ख़ास करना चाहते हैं

शाहरुख़ ये भी कहते हैं कि फ़िल्मों के क्षेत्र में वो कुछ ख़ास करना चाहते हैं.

वो कहते हैं कि वो ऐसी फ़िल्मों का निर्माण करना चाहते हैं जिनमे कुछ नया हो. साथ ही शाहरुख़ ये भी मानते हैं कि जब आदमी कुछ नया करने की कोशिश करता है तो या तो वो गलती करता है या फिर सफल हो जाता है.

भले ही दो नवंबर को शाहरुख़ खान 46 साल के हो गए हैं लेकिन आज भी वो अपने बचपन को नहीं भूले हैं.

अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए शाहरुख़ कहते हैं, ''मैं स्कूल में बड़ा ही शरारती था, सारा दिन बस मौज-मस्ती और खेलकूद में ही लगा रहता था. अगर कभी पकड़ा भी जाता तो बस मुस्कुरा देता था और मेरी मुस्कराहट देख कर मेरी अध्यापक अक्सर मुझे छोड़ देते थे. लेकिन कभी-कभी मुझे सज़ा भी मिल जाती थी. एक बार तो मैं सस्पैंड होने से बाल-बाल बचा.''

अपने माता पिता को याद करते हुए शाहरुख़ कहते हैं, ''मेरे माता-पिता ने मुझे कभी भी क्लास में अव्वल आने के लिए नहीं कहा. उनका बस यही कहना था कि तुम ऐसा कुछ मत करना जिससे क्लास में बाकि बच्चों के सामने तुम्हे शर्मिंदा होना पड़े. और मुझे लगता है कि ज़िन्दगी में मैंने अपने लिए और अपने परिवार के लिए ठीक-ठाक ही कर लिया है.''

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