'पुरुष प्रधान सिनेमा के लिए दर्शक ज़िम्मेदार'

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Image caption फ़िल्म 'देसी बॉयज़' अपनी छवि बदलने की कोशिश की है चित्रांगदा सिंह ने.

निर्देशक सुधीर मिश्रा की फ़िल्म ‘हज़ारों ख्वाहिशें ऐसी’ से हिंदी फ़िल्म जगत में कदम रखने वाली अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह मानती हैं कि अगर बॉलीवुड पुरुष प्रधान फ़िल्में बनता है तो इसका दोष जाता है दर्शकों को.

चित्रांगदा मानती हैं कि निर्देशक हीरोइनों को लेकर ज़्यादा फ़िल्में इसलिए नहीं बनाते क्योंकि लोग ऐसी फ़िल्में देखना पसंद ही नहीं करते. साथ ही वो कहती कि दर्शकों में पुरुषों की संख्या का अधिक और औरतों की संख्या का कम होना भी इसका एक मूल कारण है.

लेकिन चित्रांगदा को इस बात का संतोष भी है कि अब धीरे-धीरे बॉलीवुड में बदलाव आ रहा है. वो कहती हैं, ''विद्या बालन जैसी अभिनेत्रियां भी हैं जो 'द डर्टी पिक्चर' जैसी फ़िल्में कर रही हैं. निर्देशकों को बदलना होगा उन्हें अच्छी कहानियां लिखनी होंगी.''

‘हज़ारों ख्वाहिशें ऐसी’ और ‘ये साली ज़िंदगी’ जैसी लीक से हट कर फ़िल्में करने वाली चित्रांगदा भी अब बॉलीवुड मसाला फ़िल्मों का रुख कर चुकी हैं. हाल ही में रिलीज़ हुई उनकी फ़िल्म 'देसी बॉयज़'.

चित्रांगदा कहती हैं कि वो एक ही तरह के सिनेमा को बार बार कर ऊब चुकी थीं और बदलाव चाहती थीं. वो कहती हैं, ''मैं एक लम्बे समय से ऑफ-बीट फ़िल्में ही कर रही थी, हजारों ख्वाहिशें ऐसी करने के बाद मुझे बस उसी तरह की फ़िल्में और रोल मिल रहे थे. मैं बस एक ही तरह का काम नहीं करना चाहती. मैं भी कॉमेडी, ड्रामा और एक्शन फ़िल्मों का हिस्सा बनना चाहती हूं.''

चित्रांगदा मानती हैं कि फ़िल्में चाहे ऑफ-बीट हो या फिर कमर्शिअल दोनों ही में काम करना बच्चों का खेल नहीं है. दोनों तरह के सिनेमा में आपको रात-दिन एक करना पड़ता है साथ ही कड़ी मेहनत करनी पड़ती है.

चित्रांगदा कहती हैं कि वो बॉलीवुड में अच्छा काम करती रहना चाहती हैं फिर चाहे फ़िल्में लीक से हटकर हो या फिर मसाला उन्हें इस बात से फर्क नहीं पड़ता.

अब तो चित्रांगदा को बॉलीवुड से जुड़े कुछ अरसा हो गया है तो क्या यहां दोस्त बने उनके? इस सवाल के जवाब में चित्रांगदा कहती हैं, ''मैं तो कभी भी, कहीं भी दुश्मन नहीं बनाती तो बॉलीवुड में कैसे मैं किसी से दुश्मनी कर सकती हूं. हां जहां तक दोस्ती का सवाल है तो फिलहाल मेरी इंडस्ट्री में किसी से गहरी दोस्ती तो नहीं है लेकिन इतना ज़रूर है कि कुछ लोगों से मेरी अच्छी जान पहचान है.''

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