दुखी मै भी हूं- मनमोहन सिंह

  • 4 दिसंबर 2011
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भारतीय सिनेमा के सदाबहार अभिनेता देव आनंद के निधन की ख़बर के बाद से हर तबके से उनके लिए शोक संदेश आ रहे हैं.

भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने शोक संदेश में कहा कि वो भी देव आनंद के चाहनेवालों के दुख़ में शामिल हैं.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने संदेश में कहा, ''देव आनंद एक महान कलाकार थे जिन्होंने पांच दशक तक सिनेमा प्रेमियों का मनोरंजन किया. देव आनंद अभिनय और निर्देशक के प्रति जुनून का प्रतीक थे .मैं देव आनंद के करोड़ो चाहनेवालों के दुख में शामिल हूं.''

हिन्दी सिनेमा के जानेमाने खलनायक प्रेम चोपडा ने कहा कि ये य़कीन करना मुश्किल है कि इतना ज़िदादिल इंसान मर कैसे सकता है.

देव आनंद को याद करते हुए प्रेम चोपड़ा कहते हैं, ''देव साहब हमेशा काम के बारे में सोचते थे. इस उम्र में आदमी आराम के बारे में सोचता है. लेकिन वो इतना काम करते थे कि उनके लिए तो 24घंटे भी कम पड़ते थे. वो कहते थे कि भाई जिस दिन मैं काम करना बंद कर दूँगा वो मेरी ज़िदंगी का आख़िरी दिन होगा.''

देव आनंद साहब के साथ कई फ़िल्मों में अभिनेत्री रह चुकी आशा पारेख कहती हैं, ''आज सुबह जब ये ख़बर मिली तो बड़ा झटका लगा और बहुत दुख़ हुआ.''

आशा पारेख़ कहती हैं कि जीना कोई देव आनंद जी से सीखे, ''देव जी बड़े ज़िंदादिल इंसान थे. हमेशा अपने काम में लगे रहना और जो काम करें उसे पूरा करके ही दम लेना उनकी आदत थी. किसी को अगर ज़िदगी को जीना सीखना है तो कोई उनसे सीखे.''

फ़िल्म निर्माता सुभाष घई देव आनंद को याद करते हुए कहते है, ''देव आंनद साहब ने स्टार होने का असल मतलब गढ़ा. वो जब भी मुझसे मिले, उनके पास एक नई कहानी होती थी और वो उसे ऐसे सुनाते थे मानो कोई लेखक अपनी पहली कहानी सुना रहा है.''

सुभाष घई 2010 में देव साहब से हुई मुलाकात को याद करते हुए कहते हैं, ''पिछले साल जब वो मेरें संस्थान में आए तो वो युवाओं से तेज़ चल रहे थे. इस उम्र में उनकी उर्जा का कोई सानी नहीं था.''

गौरतलब है कि देव आनंद का लंदन में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है. वो 88 वर्ष के थे.

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