'कौन चाहता है नॉन-कमर्शियल फ़िल्में बनाना'

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Image caption अभय की आने वाली फ़िल्म है 'शंघाई'.

'मनोरमा सिक्स फीट अंडर', 'देव डी' और 'रोड, मूवी' जैसी लीक से हट कर फ़िल्में करने वाले अभिनेता अभय देओल का मानना है कि कोई भी फ़िल्म मेकर ये सोच कर फ़िल्म नहीं बनाता कि वो एक नॉन-कमर्शियल फ़िल्म बना रहा है.

वो कहते हैं, ''हर आदमी चाहता है कि उसकी फ़िल्म को सब लोग देखें, सब उसे सराहें. हर कोई कमर्शियल फ़िल्में ही बनाना चाहता है. हां ये ज़रूर है कि हर फ़िल्म का अपना एक बजट होता है, अपने एक तरह के दर्शक होते हैं लेकिन उससे वो फ़िल्म नॉन-कमर्शियल तो नहीं हो जाती.''

अभय मानते हैं कि हर तरह के सिनेमा को बढ़ावा दिया जाना चाहिए. वो कहते हैं, ''किसी फ़िल्म को देखने वालों की संख्या ज़्यादा होती है तो किसी को कम लोग देखते हैं लेकिन हर तरह की फ़िल्में बनाई जानी चाहिए.''

अभय कहते हैं कि हिंदी फ़िल्म जगत अब एक ऐसे दौर में है जब बड़े से बड़े सितारे भी अलग तरह की फ़िल्में करने से कतरा नहीं रहे हैं. वो कहते हैं, ''आज की तारीख़ में बड़े सितारे एक ओर जहां मसाला फ़िल्मों से लोगों का मनोरंजन करते हैं वहीं अपने अंदर के कलाकार की भूख़ को मिटाने के लिए वो लीक से हट कर भी फ़िल्में करते हैं.''

ख़ुद की बात करते हुए अभय कहते हैं कि उन्हें कमर्शियल और नॉन-कमर्शियल शब्द से बड़ी आपत्ति है. वो कहते हैं, ''मुझे इन शब्दों का प्रयोग करना अच्छा नहीं लगता. बॉलीवुड और नॉन-बॉलीवुड जैसे शब्द भी मुझे नहीं जचते. मैं इस मानसिकता को बदलना चाहता हूं. सिनेमा को विभाजित नहीं करना चाहिए क्योंकि सिनेमा तो सिनेमा होता है फिर चाहे वो किसी भी प्रकार का हो. लेकिन अगर इसे श्रेणियों में बांटना ही है तो फिर आप 'फ़ॉर्मूला' 'नॉन-फ़ॉर्मूला' या फिर 'पैरेलल सिनेमा' जैसे शब्दों का प्रयोग कर सकते हैं.''

अभय कहते हैं लोग अक्सर हर चीज़ को बस एक ही नज़रिए से देखना पसंद करते हैं. वो कहते हैं, ''लोग अगर एक बार किसी चीज़ पर कोई ठप्पा लगा देते हैं तो बस उसे फिर उसी नज़रिए से देखा जाता है. जैसे की मुझे भी लोग ‘पैरेलल’ सिनेमा का कलाकार मानते हैं लेकिन अगर आप ध्यान दें तो मैंने अगर लीक से हट कर फ़िल्में की हैं तो साथ ही मैंने 'ओए लकी, लकी ओए' और ‘ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा’ जैसी फ़ॉर्मूला फिल्मों में भी अभिनय किया है. मैं हर तरह के सिनेमा में काम करना चाहता हूं और कर रहा हूं.''

जल्द ही अभय देओल नज़र आएंगे निर्देशक दिबाकर बैनर्जी की फ़िल्म 'शंघाई' में. 'शंघाई' एक पॉलिटिकल थ्रिलर है.

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