मिलना चाहिए भूपेन दा को भारत रत्न: प्रीतम

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Image caption भूपेन हज़ारिका को साल 1977 में पद्मश्री से नवाज़ा गया था.

संगीतकार प्रीतम मानते हैं कि स्वर्गीय भूपेन हज़ारिका को संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाज़ा जाना चाहिए.

प्रीतम कहते हैं, ''भूपेन दा का उतर-पूर्वी भारत और बंगाल में सिर्फ संगीत के क्षेत्र में ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक समृधि लाने में भी एक बहुत बड़ा योगदान रहा है. मुझे लगता है भारत सरकार को भूपेन दा को भारत रत्न से सम्मानित करना चाहिए. मैंने पहले भी इसकी मांग की है.''

गायक, कवी और फ़िल्मकार भूपेन हज़ारिका का निधन 5 नवंबर 2011 को हुआ था. कल शाम मुंबई में भूपेन हज़ारिका की करीबी रही कल्पना लाजमी ने भूपेन दा के सम्मान में एक प्रार्थना सभा का आयोजन किया.

इस मौके पर कई जाने माने गायकों ने भूपेन दा के गानों को गा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. इस मौके पर प्रीतम ने अपनी मांग भी दोहराई.

भूपेन हज़ारिका से जुड़ी अपनी यादों को ताज़ा करते हुए प्रीतम बोले, ''मैं बंगाली हूं और भूपेन दा के गाने सुन कर बड़ा हुआ हूं. मुंबई आने के बाद कल्पना लाजमी की फ़िल्म 'दमन' में मुझे भूपेन दा के साथ काम करने का मौका मिला. भूपेन दा 'दमन' का संगीत दे रहे थे और मैंने उस फ़िल्म का साउंड किया था. उस समय मुझे भूपेन दा के करीब जाने का मौका मिला.''

इस मौके पर यहां मौजूद थी अभिनेत्री और सामाजिक कार्यकर्त्ता शबाना आज़मी. पत्रकारों से बात करते हुए शबाना ने कहा कि भूपेन हज़ारिका की ज़िन्दगी उनका संगीत और उनकी शायरी थी.

वो बोलीं, ''भूपेन दा ये मानते थे कि कला को एक सामाजिक बदलाव के लिए एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना चाहिए. मुझे ऐसा लगता है कि वो बहुत बड़े कलाकार थे. उनके काम के ज़रिए, उनकी शायरी के ज़रिए उनका आम आदमी के साथ जुड़ना और आम आदमी की बात को अपने गाने में पिरोना, उनकी यही काबिलियत दुनिया हमेशा याद रखेगी.''

इस प्रार्थना सभा में शामिल हुई गायिका श्रेया घोषाल भी. श्रेया कहती हैं, ''मुझे कभी भूपेन हज़ारिका के साथ काम करने का मौका नहीं मिला. लेकिन जब भी कभी मैं उनसे मिली वो हमेशा मुझे ख़ूब आशीर्वाद दिया करते थे. मेरे प्रति उनका ये प्यार ही आज मुझे यहां खीच लाया है. मैं बंगाली परिवार से हूं और बचपन से ही मैं उनके गाने सुनती आ रही हूं. मैं चाहती थी कि मैं यहां आकर उन्हें श्रद्धांजलि दूं. ''

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