कॉलीवुड चला बॉलीवुड

  • 9 जनवरी 2012
वेट्टई इमेज कॉपीरइट pr
Image caption 'वेट्टई' का हिंदी रीमेक बनाएंगे निर्देशक एन लिंगुसामी.

तमिल फ़िल्मों की कहानी लेकर एक हिंदी फ़िल्म बना डालना अब कोई नई बात नहीं रही है.

हाल फिलहाल की अगर बात करें तो सिंघम, बॉडीगार्ड, रेडी और फ़ोर्स जैसी कई फ़िल्में इस चलन का एक जीता जगता नमूना हैं.

अब साल 2012 में भी ये ट्रेंड जारी रहने वाला है लेकिन इस बार फर्क सिर्फ इतना होगा कि बॉलीवुड का कोई निर्देशक तमिल फ़िल्म को हिंदी में नहीं बनाएगा बल्कि ख़ुद तमिल फ़िल्मों के निर्देशक अपनी ही फ़िल्मों को हिंदी में बनाएंगे.

शुरुआत होगी गौतम मेनन की फ़िल्म 'एक दीवाना था' से. ये फ़िल्म 17 फरवरी को रिलीज़ हो रही है. 'एक दीवाना था' गौतम की ही तमिल फ़िल्म 'विन्नयतांडी वरुवाया' का रीमेक है.

तमिल फ़िल्मों के जाने माने निर्देशक एन लिंगुसामी भी बॉलीवुड में कदम रखने वाले हैं.

बीबीसी से की एक खास बातचीत में लिंगुसामी ने कहा, ''मुझे बॉलीवुड से बहुत सारी अपनी ही तमिल फ़िल्मों का रीमेक बनाने के प्रस्ताव मिल रहे हैं.''

लिंगुसामी ने बीबीसी को ये भी बताया कि जैसे ही 14 जनवरी, 2012 को उनकी तमिल फ़िल्म 'वेट्टई' रिलीज़ होगी उसके बाद वो अपनी ये फ़िल्म मुंबई में कुछ अभिनेताओं को दिखाएंगे और जो भी अभिनेता हिंदी रीमेक में लीड रोल के लिए ठीक होगा उसे फ़िल्म में कास्ट कर लेंगे.

सुसी गणेशन भी एक ऐसे निर्देशक हैं जो अपनी फ़िल्म 'शॉर्टकट रोमियो' से बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं. सुसी ने बीबीसी को बताया कि ये फ़िल्म भी उनकी ही तमिल फ़िल्म का रीमेक है.

सुसी कहते हैं, ''मेरी फ़िल्म में मुख्य भूमिका में हैं नील नितिन मुकेश और साथ ही फ़िल्म में अमीषा पटेल भी हैं. लेकिन अभी तक मैंने ये तय नहीं किया कि इस फ़िल्म में मुख्य अभिनेत्री कौन होगी.''

इन सबके अलावा जिस निर्देशक पर सबकी नज़रे हैं वो हैं राघव लॉरेंस. लॉरेंस की फ़िल्म 'कंचन' में होंगे शाहरुख़ खान.

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