माइ नेम इज़ विनोद, एजेंट विनोद !

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कोई फ़िल्म जासूस के किरदार पर आधारित बनाई जाए और उसकी तुलना जेम्स बॉन्ड से ना हो, ऐसा हो ही नहीं सकता.

ऐसे में अभिनेता सैफ़ अली ख़ान ने जब अपनी बहुप्रतीक्षित फ़िल्म एजेंट विनोद का फ़र्स्ट लुक मीडिया के सामने रखा तो उनसे जानने की कोशिश की गई कि ये किरदार कितना जेम्स बॉन्ड से मेल खाता है.

सैफ़ ने कहा, "हम बॉन्ड फ़िल्म की नकल नहीं बनाना चाहते थे. भारत में भी स्पेशल सर्विसेज़ के किरदार पर बनी फ़िल्मों में दिलचस्पी रही है, चाहे वो मिथुन की 'गनमास्टर' हो या अक्षय कुमार की 'मिस्टर बॉंड'. हमने भी एजेंट विनोद के किरदार को आज के लुक में और आज की परिस्थिति में ढाला है. ये बिलकुल भारतीय किरदार है."

हालांकि सैफ़ ने ये ज़रूर कहा कि थोड़ी बहुत झलक इसमें जेम्स बॉन्ड की भी है और थोड़ी झलक टिनटिन की भी है.

वैसे 'एजेंट विनोद' नाम की एक फ़िल्म इससे पहले 1977 में आ चुकी है, तो क्या ये फ़िल्म उसकी रीमेक है. सैफ़ अली ख़ान ने कहा, "हमारी फ़िल्म का 1977 की 'एजेंट विनोद' से कोई लेना देना नहीं हैं, हां प्रेरणा ज़रूर है."

फ़िल्म 'एजेंट विनोद' से प्रेरणा मिलने का किस्सा भी बड़ा दिलचस्प है. सैफ़ अली ख़ान कहते हैं, "जब मैं फ़िल्मों में आया था तो मैंने इस फ़िल्म के बारे में सुना था. इस शीर्षक को सुनकर मुझे लगा कि ये बड़ा मज़ाकिया शीर्षक है. लेकिन उस फ़िल्म का प्लॉट अच्छा था."

इस प्रेरणा के बाद सैफ़ ने इसे नए अंदाज़ में पेश करने का मन बनाया. सैफ कहते हैं कि 1977 की एजेंट विनोद के निर्माता राजश्री प्रोडक्शन्स से उन्हें ये शीर्षक लेने में कोई परेशानी नहीं हुई.

सैफ़ की एजेंट विनोद अभी रिलीज़ भी नहीं हुई है और वो अभी से इसके सीक्वेल बनाने के बारे में सोच रहे हैं. उन्होंने कहा कि फ़िल्म अगर दर्शकों को पसंद आती है वो इसका सीक्वेल ज़रूर बनाएंगे.

इससे पहले सैफ़ अली ख़ान निर्माता के तौर पर फ़िल्म 'लव आजकल' भी बना चुके हैं जो कामयाब साबित हुई थी.

फ़िल्म एजेंट विनोद में सैफ़ अली ख़ान के साथ अभिनेत्री करीना कपूर भी हैं.

इसका निर्देशन श्रीराम राघवन कर रहे हैं, जो 'एक हसीना थी' और 'जॉनी गद्दार' जैसी फ़िल्में भी निर्देशित कर चुके हैं. फ़िल्म मार्च में रिलीज़ हो रही है.

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