इलायची वाली चाय और ‘फैन’ देना: इम्तियाज़

  • 23 फरवरी 2012
इम्तियाज़
Image caption बीबीसी से बातचीत में इम्तियाज़ ने कहा कि भारतीय फिल्म उद्योग को बॉलीवुड कहा जाना उन्हे पसंद नहीं है

रॉकस्टार, लव आज कल और जब वी मेट जैसी सुपरहिट फिल्मों के डायरेक्टर इम्तियाज़ अली जैसे ही दिल्ली के मिरांडा हाउस कॉलेज में घुसे तो लड़कियों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया.

हर कोई उनके संग एक फ़ोटो भर खिचाने के लिए बेताब था. जिन लड़कियों को उनका ऑटोग्राफ़ मिला वो तो जैसे अपने को धरती पर बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहीं थी.

ये इशारा युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता दर्शाने के लिए काफ़ी था.

यू तो दिल्ली से इम्तियाज़ अली का पुराना रिश्ता है, वो यहीं के हिन्दू कॉलेज में छात्र रह चुके है. पर तब की बात और अब में काफी फर्क है.

बीबीसी के साथ विशेष वातचीत में इम्तियाज़ ने कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिन्दू कॉलेज में रहते हुए वो हर दूसरे लड़के की तरह मिरांडा हाउस के चक्कर लगाते थे.

मिरांडा हाउस के बारे में जिन्हें नहीं पता उन्हें बता दे कि दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रख्यात मिरांडा हाउस कॉलेज में सिर्फ लड़कियां पढ़ती है.

ख़ैर....फिल्म डायरेक्टर इम्तियाज़ अली को कॉलेज के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए बुलाया गया था. इम्तियाज़ के इस कॉलेज में आने के पीछे एक और कारण था, उन्होंने इशारा किया कि वो अपनी जल्द शुरू होने वाली फिल्म के लिए मिरांडा हाउस के कुछ दृष्य शूट कर सकते हैं.

'कम कपड़ों में रैगिंग लेते थे सीनियर्स'

पूरे कॉलेज को एक फिल्म डायरेक्टर की निगाह से देखने के बाद इम्तियाज़ कॉलेज की एक कैंटीन पर रूके और वहां के मैनेजर से इलायची वाली चाय के साथ 'फैन' की मांग की. फैन आम तौर पर चाय के साथ लिए जाने वाला एक तरह का खस्ता नमकीन होता है जो सिर्फ चाय की दुकानों या रेढ़ियों पर मिलता है.

उन्हें 'फैन' तो बहुत मिले लेकिन नमकीन वाला फैन नहीं मिला. वो थोड़े निराश हुए लेकिन अपने दौरे पर आगे निकल पड़े.

हिंदू कॉलेज के दिनों को याद करते हुए इम्तियाज़ ने कहा कि उनके सीनियर्स रैगिंग के दौरान नवागंतुकों को कम कपड़ों में मिरांडा हाउस के पास जाने और वहां गाना गाने को कहते थे.

कॉलेज की छात्राओं के साथ अपनी फिल्मों के बारे में काफी सहजता से गपियातें हुए इम्तियाज़ ने कहा कि उनमें 'स्टूडेंटपना' अभी भी बाकी है इसलिए वो युवाओं से जल्दी कनेक्ट हो जाते है.

Image caption इम्तियाज़ अली युवाओं के बीच खासे लोकप्रिय है

भारतीय फिल्मों के विकास की तुलना एशिया के दूसरे देशों की फिल्मों से करने के सवाल पर इम्तियाज़ ने कहा, ''मै जब दूसरे देशों में जाता हूँ तो देखता हूँ कि लोग वहां भारतीय फिल्में देखते है. भारतीय फिल्मों की कहानियों में काफी दम होता है, और अब तो फिल्में अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण से बन रहीं है.''

इम्तियाज़ ने कहा, ''मुझे लगता है कि फिल्मों को देशों की सीमाओं में बांधकर देखना सही नहीं है. अगर एशिया या बाहर के देश अच्छी फिल्में बना रहें है तो ये सभी के लिए अच्छी बात है.''

भारतीय फिल्में ऑस्कर की दौड़ में पीछे रह जाती है, इसका कारण पूछे जाने पर इम्तियाज़ ने कहा, ''ये फिल्म बनाने वाले डायरेक्टर की निजी सोच होती है कि वो अवार्ड के लिए फिल्में बना रहे है या किसी और कारण से. मै अपनी पसंद की फिल्में बनाता हूँ, किसी अवार्ड के लिए नहीं. फिल्में ऐसी होनी चाहिए जो असली लगे, लगना चाहिए की आपको पता है कि आस पास क्या हो रहा है.''

इम्तियाज़ अली की पिछली फिल्म रणबीर कपूर अभिनीत 'रॉकस्टार' ने बॉक्स ऑफिस में अच्छा प्रदर्शन किया था.

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