'किस करके कहूंगी बुरा ना मानो होली है'

  • 7 मार्च 2012
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Image caption हिंदी फिल्मों में 'होली' का खासा महत्व रहा है.

होली और हिंदी फिल्म उद्योग का बहुत पुराना नाता है. लंबे समय से होली हिंदी फिल्मों का खास हिस्सा रही है.

पर्दे पर होली के फिल्मांकन के अलावा बॉलीवुड की हस्तियां निजी जिंदगी में भी जोर-शोर से होली मनाती रही हैं.

अभिनेत्री विद्या बालन कहती हैं कि बचपन में उन्हें लोगों पर रंग भरे गुब्बारे फेंकने में बड़ा मजा आता था. इसके अलावा वो अपने दोस्तों को पानी की टंकी में भी डाल देती थीं. विद्या को होली में घेवर खाना बहुत पसंद है.

हाल ही में अभिनेत्री जेनेलिया डिसूजा के साथ विवाह सूत्र में बंधे अभिनेता रितेश देशमुख अपनी नई नवेली दुल्हन के साथ होली खेलने को लेकर उत्साहित हैं, लेकिन वो कहते हैं कि जेनेलिया को पीला रंग ज्यादा पसंद नहीं है, तो उन्हें इस बात की सावधानी बरतनी पड़ेगी.

जानी-मानी नृत्य निर्देशक सरोज खान आज भी आरके स्टूडियो की होली को याद करती हैं. बीबीसी से बात करते हुए सरोज ने बताया, "उन दिनों की बात ही कुछ और होती थी. राज कपूर जी पूरी मस्ती के मूड में होते थे. शम्मी जी, शशि जी, रणधीर, ऋषि सभी होते थे. बहुत मजा आता था."

सरोज खान कहती हैं कि राज साहब के बाद अब बच्चन परिवार की होली बॉलीवुड में यादगार होती है. सरोज खान इस होली पर कौन सी शरारत करना चाहेंगी, इस पर उन्होंने कहा, "मैं सबको किस करना चाहूंगी, और जब वो गुस्सा होंगे तो चुपके से बुरा ना मानो होली है, कहकर निकल लूंगी."

ऐड गुरू प्रह्लाद कक्कड़ बचपन में देहरादून में बिताए गए होली के दिनों को याद करते हैं. वो कहते हैं कि उनके दोस्त बहुत खतरनाक तरीके से होली खेलते थे और लोगों को कीचड़ में सराबोर कर देते थे.

प्रह्लाद एक ऐसा ही वाकया याद करते हुए बताते हैं कि एक बार उनके दोस्तों ने जमकर भांग पी और वो एक अजनबी के घर जाकर बैठ गए और उसके मना करने के बावजूद नहीं निकले. प्रह्लाद और उनके दोस्तों ने उस अजनबी के घर को पूरा रंग दिया. बाद में जब भांग का नशा उतरा तो उन सब लोगों को उस अजनबी के पूरे घर की सफाई करनी पड़ी.

प्रह्लाद के मुताबिक अब जब से वो मुंबई में हैं तो होली को सभ्य तरीके से मनाने लगे हैं और सिर्फ गुलाल लगाकर ही होली मनाते हैं.

गीतकार प्रसून जोशी के मुताबिक जो लोग रंगों से बचते फिरते हैं उन्हें रंग लगाने में ज़्यादा मजा आता है. लेकिन साथ ही वो लोगों को सलाह देते हुए कहते हैं कि होली पर कृत्रिम रंगों से बचना चाहिए और जितना संभव हो सके प्राकृतिक रंगों से ही होली खेलनी चाहिए.

मैंने प्यार किया, हम आपके हैं कौन जैसी सुपरहिट फिल्में दे चुके निर्देशक सूरज बड़जात्या कहते हैं कि उन्हें उनके परिवार राजश्री प्रोडक्शंस की फिल्म 'नदिया के पार' के दौरान मनाई गई होली यादगार लगती है. सूरज के मुताबिक वैसी होली उन्होंने आज तक नहीं खेली.

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