कलाकारों को मिलनी चाहिए वीज़ा नियमों में ढील- शफ़क़त अमानत अली

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Image caption पाकिस्तानी गायक शफ़क़त अमानत अली.

हाल ही में भारतीय गायक पलाश सेन को पाकिस्तान के लाहौर शहर में एक कॉन्सर्ट की अनुमति नहीं दी गई. पलाश इससे खासे खफ़ा थे और उन्होंने बीबीसी से बात करते हुए अपनी नाराज़गी भी ज़ाहिर की.

दिलचस्प बात ये है कि 23 मार्च को पलाश का ये शो लाहौर में होना था और उसी दिन पाकिस्तानी गायक शफ़क़त अमानत अली का दिल्ली में शो हुआ.

जब बीबीसी ने पलाश सेन को अनुमति ना मिलने के मुद्दे पर पाकिस्तानी गायक शफ़क़त अमानत अली से बात की तो उन्होंने अपने विचार रखते हुए कहा कि भारतीय और पाकिस्तान कलाकारों के लिए वीज़ा नियमों में ढील होनी चाहिए ताकि कलाकार आराम से एक दूसरे के देश जाकर शो कर सकें.

पलाश सेन ने कहा था कि उन्हें सुरक्षा वजहों का हवाला देते हुए पाकिस्तानी सरकार ने अनुमति नहीं दी थी. लेकिन शफ़क़त अमानत अली ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि सुरक्षा की वजह से पलाश को अनुमति नहीं मिली. मेरे ख्याल से मुद्दा वीज़ा या कुछ कानूनी पेचीदगियों का रहा होगा."

शफ़क़त ने कहा कि पूरी दुनिया में कलाकारों को जटिल वीज़ा नियमों में छूट दी जाती है तो वही बात भारत और पाकिस्तान जैसे देश क्यों नहीं अपनाते.

शफ़क़त ने कहा कि भारत में कई ऐसे लोग हैं जिनके रिश्तेदार पाकिस्तान में रहते हैं और यही स्थिति पाकिस्तान में भी रह रहे कई लोगों की है. ऐसे में जब लोग अपने परिवार या रिश्तेदार से मिलने एक दूसरे के मुल्कों में आना चाहते हैं तो वीज़ा नियमों की वजह से बड़ी मुश्किलें पेश आती हैं, जो नहीं होनी चाहिए.

पलाश सेन ने बीबीसी से बात करते हुए कहा, "हमें आखिरी वक़्त में अनुमति देने से इनकार कर दिया गया. जिससे मुझे और हमारे पाकिस्तानी प्रशंसकों को बड़ी निराशा हुई."

पलाश कहते हैं कि जब पाकिस्तानी कलाकार बड़े आराम से भारत में शो कर सकते हैं आ-जा सकते हैं, तो भारतीय कलाकारों पर पाकिस्तान में ऐसी पाबंदियां क्यों लगाई जाती हैं.

पलाश ने कहा कि साल 2008 में उनके बैंट यूफोरिया ने पाकिस्तान में कॉन्सर्ट किया था और तब सब कुछ बड़े आराम से हो गया था. वो उनके लिए काफी अच्छा अनुभव था.

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