'विकी डोनर' की संगीत समीक्षा

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Image caption फिल्म विकी डोनर में नई संगीतकार जोड़ी अभिषेक-अक्षय का संगीत है, जो पसंद किया जा रहा है.

विकी डोनर एक छोटे बजट की कॉमेडी फिल्म है और 'स्पर्म डोनेशन' के अपने अनूठे विषय को लेकर चर्चा में है.

फिल्म के निर्माता जॉन अब्राहम हैं लेकिन इसमें अभिनेता से लेकर संगीतकार तक अधिकतर नए नाम हैं.

फिल्म में संगीत, संगीतकारों की नई जोड़ी अभिषेक-अक्षय का है.

एलबम के रिलीज से पहले फिल्म की ज्यादा चर्चा उसके विषय को लेकर थी और इसके संगीत से ज्यादा अपेक्षा नहीं की जा रही थी, लेकिन एलबम के आने के बाद फिल्म का संगीत सुनने वालों को काफी पसंद आया है.

एलबम में कुल आठ ट्रैक्स हैं जिन्हे अलग अलग गीतकारों ने शब्द दिए हैं.

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Image caption फिल्म के निर्माता जॉन अब्राहम हैं, जिन्होंने एक गाने में स्पेशल अपियरेंस दिया है

'रोकड़ा' एलबम की पहली प्रस्तुति है. एक खुशनुमा सी धुन है जिसे संगीतकार अक्षय वर्मा ने अपने स्वर दिए हैं और उनका साथ दिया है अदिति सिंह शर्मा ने.

जिंदगी की हसरतों और उनको पाने के लिए पैसे की जरूरत और समस्या पर अक्षय ने ही गीत के बोल रचे हैं. बोल कहीं कहीं मजेदार हैं और कहीं साधारण भी.

अभिषेक-अक्षय की धुन बेहतर है और अक्षय अपनी गायकी से गीत में असर पैदा करते हैं. गीत के बोलों में गहराई की कमी है अन्यथा ये गीत और असरदार साबित हो सकता था.

'रम व्हिस्की - रम रम रम' फिल्म का आइटम गीत है जिसे जॉन अब्राहम पर फिल्माया गया है.

फिल्म के कथानक और किरदारों से परे प्रचार के लिये गीत रचा गया है, और रिलीज से पहले फिल्म के लिए एक आधार बनाने में काफी हद तक सफल रहा है.

अभिषेक-अक्षय ने इसको पंजाबी आइटम का रंग दिया है. 'रम-रम-रम' का हुक अच्छा है.

अक्षय वर्मा के स्वरों में मस्ती है और बोल भी मजेदार हैं. ये गीत बहुत कुछ खोसला का घोसला की याद दिलाता है.

'रम व्हिस्की' निश्चित तौर पर एलबम का सबसे लोकप्रिय गीत साबित होगा और फिल्म की सफलता/असफलता से परे कुछ हफ़्तों तक जरूर सुनाई देगा.

'पानी दा रंग' एलबम की एक और अच्छी प्रस्तुति है. फिल्म के नायक आयुष्मान खुराना ने इसे अपने स्वर दिए हैं.

गीत प्रभावित करता है क्योंकि आयुष्मान ने इसे बहुत दिल से गाया है. अभिषेक-अक्षय का वाद्य संयोजन भी बहुत कम वाद्यों की वजह से आयुष्मान के स्वरों को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करता है.

गीत एक और संस्करण में है जिसे सुकन्या ने स्वर दिए हैं. गायकी की उनकी कोशिश अच्छी है फिर भी उनका संस्करण प्रभावित नहीं करता .

'पीछे पै गया साडे चड्ढा' फिल्म का एक थीम गीत सा है. अन्नू कपूर फिल्म में डॉ. चड्ढा का मजेदार किरदार निभा रहे हैं. गीत, बहुत कुछ उनके किरदार के आस पास रचा गया है.

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Image caption फिल्म के मुख्य अभिनेता आयुष्मान ने भी एक गीत में स्वर दिए हैं.

मीका ने गीत को स्वर दिए हैं, फिर भी गीत में मस्ती की कमी है. पर्दे पर शायद निर्देशक शुजित सरकार इसे मजेदार ढंग से पेश कर पाएं, लेकिन एलबम में ज्यादा प्रभावित नहीं करता.

एलबम में एक रोमांटिक गीत है 'मर जाइयां'. स्वानंद किरकिरे ने इसके बोल लिखे हैं और जिसे स्वर दिए हैं विशाल ददलानी और सुनिधि चौहान ने.

इन नामों के बावजूद बहुत असर नहीं छोड़ पाता ये गीत. और एक साधारण प्रस्तुति साबित होता है. गीत की धुन और संयोजन में नवीनता का अभाव है. कहीं कहीं पर अभिषेक-अक्षय का वाद्य संयोजन विशाल और सुनिधि के स्वरों पे हावी होता नजर आता है और गीत का प्रभाव कम करता है.

'मर जाईंयां' का बान के स्वरों में एक संस्करण और है जिसमें सुरों के तेवर तीव्र हैं पर गायक बान के बेसुरे स्वर और उच्चारण की वजह से ज्यादा दम नहीं है.

'खो जाने, जाने दे' क्लिंटन सेरेजो और अदिति सिंह शर्मा के स्वरों मे एक ठीक-ठाक सा गीत है.

गीत का बहाव अच्छा बन पड़ा है और वाद्य संयोजन भी अच्छा है, लेकिन पहली दो-तीन प्रस्तुतियों के मुकाबले इसके रंग थोड़े फीके हैं.

कुल मिला कर 'विकी डोनर' का संगीत अपेक्षा से काफी बेहतर है.

कुछ साधारण और कुछ बेहतरीन गानों के मेल से अभिषेक-अक्षय की जोड़ी की शुरुआत अच्छी रही है लेकिन फिर भी आने वाले दिनों में फिल्म-संगीत के पटल पर उनका कितना योगदान होगा, अभी कह पाना मुश्किल है.

फिल्म के संगीत से अपेक्षा नहीं थी, ये बात एलबम के पक्ष में जाती है फिर भी गीतों के बोलों में बहुत मजेदारी नहीं है.

रम-रम-रम और पानी दा रंग निश्चित रूप से एलबम की लोकप्रिय प्रस्तुति हैं जो फ़िल्म के बाद भी कुछ हफ़्तों तक सुनी जायेंगी.

रेटिंग के लिहाज़ से 'विक्की डोनर' के संगीत को 2.5/5 (पाँच मे से ढाई)

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