फैशन की दुनिया में पाकिस्तान की दस्तक

  • 16 अप्रैल 2012
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Image caption मीडिया के बढ़ते प्रभाव के चलते पाकिस्तानी समाज में धीरे धीरे खुलापन आ रहा है

चरमपंथी हिंसा को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाला पाकिस्तान अब फैशन की दुनिया में भी अपनी जगह बना रहा है.

पिछले दिनों राजधानी इस्लामाबाद में हुआ फैशन शो इस बात का सबूत है, जहां ग्लैमर और खूबसूरती से ज्यादा खरीददारों और करारों पर तवज्जो देखी गई.

पाकिस्तान में हाल के बरसों में मीडिया उद्योग ने तेजी से तरक्की की है, इसीलिए रूढ़िवादी समझे जाने वाले पाकिस्तानी समाज में फैशन के मुरीदों की तादाद बढ़ रही है.

यह बात बहुत अहम है क्योंकि अक्सर पाकिस्तान में पश्चिमी अंदाज वाले कपड़े पहनने पर लड़कियों को निशाना बनाए जाने की खबरें आती रही हैं.

सोच में बदलाव

लेकिन कराची और पेशावर जैसे शहरों में होने वाले फैशन शो दिखाते हैं कि लोगों की सोच में बदलाव आ रहा है. खासकर पेशावर से तालिबान के गढ़ कहे जाने वाले इलाके ज्यादा दूर नहीं हैं.

इस्लामाबाद के फैशन शो में पारंपरिक पोशाकों के साथ मॉर्डन पश्चिमी अंदाज वाले कपड़ों के नायाब डिजाइन देखने को मिले.

पाकिस्तान में फैशन की जानी मानी हस्ती समझे जाने वाले रिजवान बेग कहते हैं कि देश के फैशन डिजाइनरों को कारोबार के नजरिए से अपना पूरा ध्यान पश्चिमी जगत पर देने की बजाय पश्चिमी एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया की तरफ भी रुख करना चाहिए. उनके मुताबिक वहां कहीं ज्यादा अवसर हैं.

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Image caption भारत में फैशन उद्योग काफी बड़ा आकार ले चुका है और कई भारतीय डिजाइनर विश्व स्तर पर अपनी पहचान रखते हैं

स्टाइलिस्ट और सिलेब्रिटी तारिक अमीन कहते हैं कि पड़ोसी भारत का फैशन उद्योग भी काफी बड़ा है और पाकिस्तानी फैशन डिजाइनर इसका फायदा उठा सकते हैं.

लंबा सफर

वैसे पाकिस्तानी डिजाइनरों का मानना है कि उन्हें विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाने में अभी काफी वक्त लगेगा.

कट्टरपंथ से जूझ रहे पाकिस्तानी समाज में मॉडल्स के लिए आजादी के साथ काम करना भी कभी-कभी मुश्किल हो जाता है.

लेकिन मॉडल सारिया अंसारी कहती हैं, "लोगों की सोच बदल रही है. यह सब (पूर्व राष्ट्रपति परवेज) मुशर्रफ के दौर में मीडिया को मिली आजादी की वजह से हुआ है. मीडिया ने हमें अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया है."

हाल ही में पाकिस्तानी अभिनेत्री और मॉ़डल वीना मलिक की एक नग्न तस्वीर एक पत्रिका के आवरण पृष्ठ पर छपने के बाद काफी विवाद हुआ.

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