'तेज' की संगीत समीक्षा

  • 24 अप्रैल 2012
तेज
Image caption फिल्म तेज में साजिद-वाजिद का संगीत है.

'तेज' बॉलीवुड में एक्शन-थ्रिलर किस्म की फ़िल्मों में एक और नया नाम है.

परिवर्तन के तौर पर फिल्म के निर्देशक प्रियदर्शन हैं जो हास्य धारा की फिल्मों में स्थापित नाम हैं लेकिन ये जॉनर उनके लिये नया है.

फिल्म में संगीत साजिद-वाजिद की जोड़ी का है और गीत जलीस शेरवानी और शब्बीर अहमद के हैं.

अमूमन इस किस्म की फिल्मों में संगीत बहुत महत्व नहीं रखता, फिर भी फिल्म के प्रचार के लिये एक धमाकेदार शीर्षक गीत और फिल्म में राहत के कुछ पलों के लिये एक रोमांटिक ट्रैक की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है.

एलबम में कुल 12 ट्रैक्स हैं लेकिन मुख्य तौर पर चार ही मूल गीत हैं. 'तेरे बिना' पाँच संस्करणों में है तो शीर्षक गीत 'तेज' चार संस्करण में मौजूद है.

सुनिधि चौहान के स्वरों में 'तेज' एलबम को एक अपेक्षित शुरुआत देता है. बहुत कुछ रेस और कैश जैसी फ़िल्मों द्वारा स्थापित टैम्प्लेट पर ही ये शीर्षक गीत भी आधारित लगता है.

ये एक ऊर्जावान गीत है जिसे सुनिधि ने अपने चिर-परिचित अंदाज में गाया है. फिर भी गीत में असर नहीं है. साजिद-वाजिद की धुन और वाद्य संयोजन में कुछ नया नहीं है और गीत के चार संस्करणों एक भी प्रभावित नहीं करता.

Image caption पवन झा के मुताबिक फिल्म तेज के संगीत में नवीनता नहीं है.

'तेरे बिना' एलबम की एक अच्छी प्रस्तुति है लेकिन साजिद-वाजिद ने यहां पर भी कोई प्रयोग का जोखिम लिये बिना, इन दिनों के प्रचलित रोमांटिक टैम्प्लेट का सहारा लिया है.

गीत में स्वर राहत और श्रेया के हैं जो इसको साधारण के स्तर से ऊपर उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. गीत के पाँच संस्करण में राहत के स्वरों में मुख्य संस्करण और इंडियन संस्करण प्रभावित करते हैं लेकिन श्रेया का संस्करण बहुत असर नहीं छोड़ता.

'मैं हूं शब' एलबम की एक और ठीक-ठाक सी प्रस्तुति है. गीत में मोहित के स्वरों के साथ शब्बीर अहमद के बोल और साजिद-वाजिद के संयोजन का ताल-मेल अच्छा बन पड़ा है.

मोहित अपने स्वरों से इसे एलबम के बाकी गीतों से एक अलग रंग देने में कामयाब रहे हैं.

'लैला' सुनिधि के स्वरों में एक आईटम गीत है. साजिद-वाजिद ने सुनने वालों के लिए बिना मेहनत के एक बासी सी रचना परोस दी है.

एक बेहद फीका सा आईटम गीत है लैला, सुनिधि भी इस किस्म के इतने गीत गा चुकी हैं, कि अपनी ओर से भी कुछ खास नया देने में असफल रही हैं.

कुल मिला कर 'तेज' का संगीत सुनने वालों के लिये नवीनता के अभाव में कुछ खास पेश नहीं करता.

स्थापित टैम्प्लेट पर कुछ रचनाएं अच्छी हैं, पर कुछ बार सुने जाने के बाद बोर करने की पूरी गुंजाइश रखती हैं. फिल्म में भी ऐसा नहीं लगता कि पर्दे पर संगीत कोई खास योगदान दे पाएगा.

प्रतिभाशाली जोड़ी साजिद-वाजिद की एक और साधारण कामचलाऊ प्रस्तुति है 'तेज'!

रेटिंग के लिहाज़ से 2/5 (पाँच में से दो)

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