सिर्फ सात-आठ ऐक्टर फिल्म इंडस्ट्री को नियंत्रित करते हैं-महेश मांजरेकर

  • 1 मई 2012
महेश मांजरेकर इमेज कॉपीरइट pr

निर्देशक महेश मांजरेकर का मानना है कि बॉलीवुड जैसी बड़ी इंडस्ट्री को सिर्फ सात-आठ बड़े कलाकार नियंत्रित करते हैं जो अच्छा चलन नहीं है.

मुंबई में मीडिया से मुखातिब होते हुए महेश कहते हैं, "सिर्फ बड़े कलाकारों की फिल्में बिकती हैं वही चलती हैं. ऐसे में जरूरत है कि नए टैलेंट का ना सिर्फ मौका दिया जाए बल्कि उन्हें प्रमोट भी किया जाए."

महेश ने ये बातें मुंबई में नए टैलेंट को बढ़ावा देने के लिए शुरू हो रहे एक वेंचर लॉन्च के मौके पर कहीं.

महेश ने ये भी कहा कि नए कलाकारों के साथ-साथ नए स्क्रिप्ट लेखकों की भी सख्त जरूरत है. क्योंकि ज्यादातर कहानियां या तो विदेशी फिल्मों की नकल होती हैं या फिर दक्षिण भारतीय फिल्मों की नकल कर ली जाती है. नई कहानियों का सख्त अभाव है.

महेश मांजरेकर के मुताबिक भारत की राजनीति की तरह बॉलीवुड में भी वंशवाद है.

उन्होंने कहा, "शाहरुख जैसे बहुत कम ऐसे उदाहरण हैं जो गैर फिल्मी पृष्ठभूमि के होने के बावजूद चले. लेकिन उनको भी सही लोगों का प्रोत्साहन मिला."

इस मौके पर फिल्मकार सुधीर मिश्रा भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि अब इंडस्ट्री में भी ढेर सारे ऐसे लोग हैं जो नए कलाकारों के साथ काम करना चाहते हैं.

"आखिर कब तक निर्माता-निर्देशक बड़े कलाकारों की डेट्स मिलने का इंतजार करते रहेंगे. इसलिए नए टैलेंट की सभी को जरूरत है." लेकिन सुधीर मिश्रा ने फिल्मों में जगह बनाने के लिए संघर्षशील कलाकारों से अपील की कि वो मौकों की तलाश में गलत दिशा में ना जाएं और सही तरीके से सही प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हुए ही मौकों की तलाश करें.

उनके मुताबिक फिल्में दिलाने का झांसा देकर कई युवाओं को झांसा भी दिया जाता है जिससे लोगों को बचना चाहिए.

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