कान फिल्मकारों का मक्का है: अनुराग कश्यप

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Image caption अनुराग कश्यप निर्देशित फिल्म गैंग ऑफ वासेपुर कान फिल्म समारोह में दिखाई जाएगी.

निर्देशक अनुराग कश्यप की बेहद महत्वाकांक्षी फिल्म गैंग ऑफ वासेपुर 65वें कान समारोह में दिखाई जाएगी.ये समारोह 16 मई से शुरू हो चुका है.

मुंबई में मीडिया से बात करते हुए अनुराग ने माना कि उन्हें कान तक पहुंचने में काफी वक्त लगा. अनुराग कहते हैं, "कान समारोह फिल्मकारों के लिए मक्का है. लोग सोचते हैं कि जो फिल्म कान में जा रही है वो एक कला फिल्म होगी. लेकिन हमारी फिल्म विशुद्ध व्यवसायिक फिल्म है. मेरे लिए कान में जाना एक बहुत गौरव की बात है."

अनुराग कश्यप निर्मित फिल्म उड़ान भी बीते साल कान समारोह में दिखाई जा चुकी है.

अनुराग कहते हैं, "अगर उड़ान कान में ना दिखाई जाती तो शायद भारत में रिलीज ही नहीं हो पाती." अनुराग ने माना कि किसी भी फिल्मकार के लिए 'टारगेट ऑडियेंस' को जानना बहुत जरूरी है.

अनुराग ने बताया कि गैंग ऑफ वासेपुर उनकी सबसे महंगी फिल्म है. फिल्म दो भागों में बनी फिल्म है. इसकी अवधि पांच घंटे से ज्यादा है.

फिल्म बदले की कहानी पर आधारित है, जिसमें मनोज वाजपेई, हुमा कुरैशी, तिगमांशु धूलिया, नवाजुद्दीन सिद्दीकी और रीमा सेन की मुख्य भूमिका है.

फिल्म से अपने करियर की शुरुआत करने वाली हुमा कुरैशी को फिल्म की रिलीज से पहले ही अच्छे खासे प्रस्ताव आने शुरू हो गए हैं.

उन्होंने निखिल आडवाणी की एक एक्शन फिल्म साइन की है. अपनी ही पहली ही फिल्म गैंग ऑफ वासेपुर के कान में चुने जाने से उत्साहित हुमा कहती हैं, "हममें से किसी ने भी ये उम्मीद नहीं की थी. भारत के फिल्म में रिलीज होने से पहले ही इसे कान समारोह के लिए चुन लिया गया. फिल्म करते वक्त हम सोचते नहीं कि आगे क्या होगा. लेकिन जो हो रहा है, वो शानदार हो रहा है."

फिल्म में मनोज वाजपेई को मुख्य भूमिका के लिए चुने जाने पर अनुराग कहते हैं कि गैंग ऑफ वासेपुर बिहार की पृष्ठभूमि पर आधारित है और ऐसी फिल्म में भला मनोज को कैसे छोड़े जा सकता है.

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