रीमेक दोधारी तलवार: फ़ारूख शेख

फ़ारूख शेख
Image caption फ़ारूख शेख की आनेवाली फिल्म है 'शंघाई'.

कभी दक्षिण भारतीय फिल्म का रीमेक, तो कभी किसी विदेशी फिल्म का रीमेक, तो कभी किसी पुरानी हिंदी फिल्म का रीमेक, बॉलीवुड में रीमेक बनना और बनाना अब एक आम बात हो गई है.

साल 1981 में आई फ़ारूख शेख - दीप्ति नवल अभिनीत फिल्म ‘चश्मे बद्दूर’ का भी रीमेक बन रहा है.

इस रीमेक का निर्देशन कर रहे हैं डेविड धवन. फिल्म में फ़ारूख शेख वाला किरदार निभा रहे हैं 'मेरे ब्रदर की दुल्हन' और 'तेरे बिन लादेन' जैसी फिल्में कर चुके अभिनेता अली ज़फर.

फ़ारूख शेख कैसा महसूस कर रहे हैं इस बात पर कि उनकी फिल्म का रीमेक बन रहा है? क्या रीमेक बनाना एक अच्छी बात है या फिर इसमें कोई बुराई है?

बीबीसी को इस सवाल का जवाब देते हुए फ़ारूख कहते हैं, ''किसी भी फिल्म के रीमेक में न कोई अच्छाई होती है और न ही कोई बुराई. रीमेक का बस ये फायदा होता है की बनाने वाले को एक सफल फिल्म का दर्जा पहले ही मिल जाता है.''

चुनौती

अपनी बात को पूरा करते हुए फ़ारूख कहते हैं, ''रीमेक बनाने में सबसे बड़ी चुनौती ये होती है कि एक सफल फिल्म की छवि के मुताबिक क्या आप फिल्म बना सकते हैं या नहीं. भई लोग जहां उत्सुकता से आपकी फिल्म देखने जाएंगे वहीं वो लोग बारीकी से आपकी फिल्म का निरिक्षण भी करेंगे, उस पर अपनी राय भी रखेंगे. आपकी फिल्म की पुरानी फिल्म से तुलना भी करेंगे. कहेंगे की पुरानी फिल्म में ये था, वो था, आपकी फिल्म में तो ये नहीं है, वो नहीं है. सच कहूं तो रीमेक एक दो धारी तलवार है.''

बीबीसी ने सीधे शब्दों में फ़ारूख शेख से जब ये पूछा कि अगर ‘चश्मे बद्दूर’ का रीमेक अच्छी तरह से बनाया जाए तो उन्हें इस बात पर कोई आपत्ति तो नहीं होगी?

इस सवाल का जवाब देते हुए फ़ारूख कहते हैं, ''किसी भी फिल्म का रीमेक बने तो मुझे उस बात से कोई आपत्ति नहीं है. सिर्फ ये है कि उस फिल्म के स्तर के मुताबिक आपको अपनी फिल्म बनानी पड़ेगी. अगर आप इस कसौटी पर खरे उतर सकते हैं तो बेशक आप पुरानी फिल्म का रीमेक बनाइए.''

फ़ारूख शेख जल्द ही दिबाकर बैनर्जी की फिल्म 'शंघाई' में नज़र आनेवाले हैं.

फ़ारूख कहते हैं, ''दिबाकर बैनर्जी ने मुझे फोन किया और फिल्म का प्रस्ताव मेरे सामने रखा. उन्होंने मुझे बताया कि जो रोल वो मुझे दे रहे हैं वैसा रोल मैंने अभी तक नहीं किया है. मैंने दिबाकर की फिल्म 'खोसला का घोसला' देखी थी और तब से मेरी तमन्ना थी की मैं दिबाकर के साथ काम करूं.''

फिल्म में मुख्य भूमिका में हैं इमरान हाश्मी और अभय देओल.

इन दोनों से ही खासे प्रभावित हैं फ़ारूख जो कहते हैं, ''दोनों ही बड़े काबिल कलाकार हैं. दोनों ही बड़े मेहनती भी है और अपने काम को बहुत गंभीरता से लेते हैं. वैसे इमरान हाश्मी के साथ फिल्म में मेरे कोई सीन नहीं हैं. लेकिन अभय और मेरे कई दृश्य साथ में हैं. मुझे बड़ा अच्छा लगा उनके साथ काम करके.''

'शंघाई' 8 जून, 2012 को रिलीज़ हो रही है.

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