40 ऑडिशन के बाद मिली फ़रारी की सवारी: शरमन जोशी

शरमन जोशी इमेज कॉपीरइट pr
Image caption गॉडमदर शरमन की पहली फिल्म थी.

सब्र का फल मीठा होता है, ये कहावत आपने एक नहीं कई बार सुनी होगी. भई अभिनेता शरमन जोशी के लिए भी ये कहावत एक दम सही साबित हुई है.

13 सालों से इंडस्ट्री में होने के बावजूद अभी तक उन्होंने बतौर सोलो हीरो कोई फ़िल्म नहीं की थी लेकिन इस हफ्ते रिलीज़ हो रही फ़िल्म 'फ़रारी की सवारी' से शरमन को ये मौका भी मिल गया.

इस फ़िल्म के निर्माता विधु विनोद चोपड़ा हैं, जिनके साथ शरमन ने 'थ्री इडियट्स' की थी लेकिन फिर भी 'फ़रारी की सवारी' के लिए कई पापड़ बेलने पड़े शरमन को. फ़िल्म में लीड रोल को हासिल करने के लिए शरमन ने 40 ऑडिशन दिए.

अगर देखा जाए तो शरमन से पूछने वाली बात तो ये भी है कि 1999 में आई फ़िल्म 'गॉडमदर' से अभिनय की दुनिया में कदम रखने के बाद उनको किसी फिल्म में लीड रोल हासिल करने में इतना वक़्त क्यों लगा?

तो बीबीसी को इस सवाल का जवाब देते हुए शरमन कुछ ये कहते हैं, ''भई देखिए मैं तो लम्बी रेस का घोड़ा हूँ. मुझे कोई जल्दी नहीं है. मैं आपको इस बात के लिए पूरी तरह से आश्वस्त कर सकता हूँ कि मैं जो भी फ़िल्म करूँगा वो एक बढ़िया फ़िल्म होगी. आपके समय और आपके पैसे के लायक होगी. जब आप सिर्फ अच्छा काम करना चाहते हैं तो उसमें आपको वक़्त लगता है और मैं अपना वक़्त देने को तैयार हूँ.''

अपनी बात को पूरा करते हुए शरमन कहते हैं, ''अगर अपनी ज़िन्दगी में मैंने कम से कम दस अच्छी फ़िल्में भी कर ली तो मुझे अपने आप पर बड़ा गर्व होगा. वैसे दस तो कम से कम है मैं तो कई अच्छी फ़िल्में करना चाहता हूँ. मेरा तो मानना है कि मैं अगले 30 सालों के लिए इंडस्ट्री में रहने वाला हूँ और यकीन मानिए मेरी कोशिश होगी कुछ बेहतरीन सिनेमा और मनोरंजक फिल्में करने की.''

शरमन 'थ्री इडियट्स' और 'फ़रारी की सवारी' को अपने अब तक के फ़िल्मी करियर की सबसे अहम फ़िल्में बताते हैं.

इस हफ्ते रिलीज़ हो रही फ़िल्म 'फ़रारी की सवारी' में शरमन एक ऐसे पारसी का किरदार निभा रहे हैं जिसका बेटा इंग्लैंड में मौजूद लोर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर आयोजित होने वाले एक क्रिकेट कैम्प में हिस्सा लेना चाहता है. लेकिन इस कैम्प की कीमत है करीब 1.5 लाख रूपए.

वैसे शरमन ने अपने इस किरदार के लिए दस किलो वज़न भी बढ़ाया. शरमन कहते हैं, ''इस फ़िल्म में अपने किरदार के लिए मैंने बहुत मेहनत की खासतौर पर उसकी शारीरिक बनावट कैसी हो इस बात पर हमने काफी ध्यान दिया. सबसे पहले तो 40 ऑडिशन दिए. फ़िल्म में मेरे लुक का मेरे श्रेय मेकअप आर्टिस्ट को भी जाता है. ऐसा माना जाता है कि पारसियों की नाक खड़ी होती है. भगवान का शुक्र है कि मेरी नाक खड़ी है, मेरी नाक की वजह से ही मुझे ये रोल मिला. वैसे मेरी खड़ी नाक को मेकअप के ज़रिए और उभारा गया.''

'फ़रारी की सवारी' में शरमन के साथ बमन ईरानी भी हैं. फ़िल्म का निर्देशन किया है राजेश मापुस्कर ने. फ़िल्म में विद्या बालन की एक लावणी भी है.

संबंधित समाचार