कोई 'शराबी' को हाथ भी ना लगाए

  • 13 जुलाई 2012
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Image caption 13 जुलाई को प्रकाश मेहरा की 73वीं जन्मतिथि है.

प्रकाश जी, कभी डायलॉग या स्क्रिप्ट लेकर सेट पर नहीं जाते थे. सब कुछ उनके दिमाग़ में होता था. और वो हर कलाकार को मनमुताबिक काम करने की पूरी छूट देते थे. प्रख्यात फिल्मकार प्रकाश मेहरा के बारे में ये बातें बांटी बीबीसी से उनके बेटे अमित मेहरा ने.

ज़ंजीर, मुक़द्दर का सिकंदर, लावारिस और शराबी जैसी मशहूर और कामयाब फिल्में बनाने वाले निर्माता निर्देशक प्रकाश मेहरा की 13 जुलाई को 73वीं जन्मतिथि है. 17 मई, 2009 को प्रकाश मेहरा का निधन हो गया था.

'ज़ंजीर' ही वो फिल्म थी जिसने अमिताभ बच्चन को एंग्री यंग मैन का टाइटल दिलाया. इसी फिल्म के साथ अमिताभ ने पहली बार अपने ज़बरदस्त करियर में कामयाबी का स्वाद चखा था.

अमित मेहरा अपने पिता के काम करने के ढंग पर कहते हैं, "वो कलाकारों से कह देते थे कि मैं एक्शन बोलूं और आप लोग डायलॉग बोलते जाना. अगर बीच में ज़बान लड़खड़ा भी जाए तो रुकना मत. मैं एडिटिंग टेबल पर सब ठीक कर दूंगा."

अमित मेहरा ने बताया कि प्रकाश मेहरा की फिल्मों के सेट पर काफी दोस्ताना माहौल होता था. सब मिल जुलकर काम करते थे और जिसका शॉट नहीं भी होता था वो भी सेट पर आकर दूसरों का काम देखते.

प्रकाश मेहरा और अमिताभ बच्चन की जुगलबंदी खास तौर पर बेहद कामयाब रही. दोनों ने मिलकर कई हिट फिल्में दीं.

इस बारे में अमित मेहरा ने बताया, "पापा और अमित अंकल एक दूसरे को बहुत अच्छी तरह से समझते थे. पापा उन्हें कोई सीन बताते तो अमित अंकल समझ जाते कि वो क्या चाहते हैं और पापा को भी अच्छी तरह से पता होता कि मैं जिस तरह से सीन चाहता हूं, अमिताभ जी उससे भी कहीं बेहतर करके दिखाएंगे."

अमित मेहरा ख़ुद, अपने पिता की सुपरहिट फिल्म 'ज़ंजीर' का रीमेक बना रहे हैं. जब उनसे पूछा गया कि प्रकाश मेहरा की ऐसी कौन सी फिल्म है जिसका रीमेक नहीं बनाया जा सकता. इसके जवाब में अमित मेहरा ने कहा, "मुझे लगता है कि 'शराबी' का रीमेक किसी को नहीं बनाना चाहिए. शराबी एक ऐसी फिल्म थी, जिसकी कोई स्क्रिप्ट ही नहीं थी. वो फिल्म सिर्फ दो लोगों ने बनाई. कैमरे के पीछे मेरे पिता ने और कैमरे के आगे अमिताभ अंकल ने. शराबी को किसी को हाथ भी नहीं लगाना चाहिए. कोई उसे बना ही नहीं सकता."

अमित मेहरा ने बताया कि उनके पिता ने उन्हें समझाइश दी थी कि जो भी काम करो उसे पूरे विश्वास, लगन और ईमानदारी से करो. अगर आपको लगता है कि आप सही हो, तो किसी और की मत सुनो. कामयाबी ज़रूर मिलेगी.

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