ओप्रा की भारतीयों पर टिप्पणी की आलोचना

ओप्रा विनफ्रे इमेज कॉपीरइट Getty

इस साल अप्रैल महीने में जब अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त टीवी शख्सियत ओप्रा विनफ्री भारत आई थीं तो उनका जबरदस्त स्वागत किया गया.

आदि और परमेश्वर गोदरेज सरीखे उद्योगपतियों ने उनके सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन किया. अमिताभ बच्चन की वो मेहमान बनीं.

ओप्रा आईं थीं भारत पर बनाई गई अपनी डॉक्यूमेंट्री के सिलसिले में... लेकिन अब उसी डॉक्यूमेंट्री को लेकर भारत में उन्हें खासी आलोचना झेलनी पड़ रही हैं.

कुछ आलोचक कह रहे हैं कि अपनी इस डॉक्यूमेंट्री में उन्होंने भारत की छवि गलत ढंग से पेश की है.

'कुछ लोग हाथ से खाते हैं?'

डॉक्यूमेंट्री में ओप्रा मुंबई में एक परिवार के साथ डिनर करते दिखाई गई हैं और वो उस परिवार से पूछ रही हैं, "क्या भारत में अब भी कुछ लोग हाथ से खाना खाते हैं?"

इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मशहूर लेखक शोभा डे ने सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर लिखा, "ओप्रा का भारत के बारे में ये बहुचर्चित शो बेहद ठंडा और कमजोर साबित हुआ. ओप्रा में अब वो बात नहीं रही."

फिल्म समीक्षक असीम छाबड़ा के मुताबिक भारत पर बनाई ओप्रा की ये डॉक्यूमेंट्री बेहद अतार्किक और अज्ञानपूर्ण है. छाबड़ा के मुताबिक ओप्रा ने इसे बनाते वक्त ठीक से होमवर्क नहीं किया.

ओप्रा की इस बात के लिए भी खासी आलोचना हो रही है कि उन्होंने अपनी डॉक्यूमेंट्री में भारत में आर्थिक रूप से उच्च वर्ग और बेहद निम्न वर्ग को ही दिखाया. भारत के मध्यम वर्ग को उन्होंने अपने इस टीवी शो में छुआ तक नहीं.

ओप्रा की आलोचना इस बात को लेकर भी हो रही है कि उन्होंने भारत की गरीबी को अपने इस शो में भुनाया.

'अल्पज्ञान पर नाराजगी कैसी?'

मशहूर एड गुरू प्रहलाद कक्कड़ ने बीबीसी से बात करते हुए ओप्रा के 'अल्प ज्ञान' की खिल्ली उड़ाई.

उन्होंने कहा, "उन्होंने जिस तरीके से भारत को दिखाया हमें इस पर ज्यादा हो हल्ला मचाना ही नहीं चाहिए. हम भारतीयों को तो ओप्रा के भारत के बारे में इस अल्प ज्ञान पर हंसना चाहिए. उस पर नाराजगी दिखाने की जरूरत ही नहीं."

वैसे कुछ लोग ओप्रा के समर्थन में भी आ रहे हैं. मशहूर फिल्मकार फरहा खान कहती है, "ओप्रा के इस कथन को हमें सही परिप्रेक्ष्य में देखना चाहिए. वो बहुत समझदार महिला हैं और मुझे नहीं लगता कि उनका मकसद किसी को ठेस पहुंचाना रहा होगा."

कलाकार बमन ईरानी भी कहते हैं, "हम हाथ से खाते हैं और ओप्रा ने उसी के बारे में जानना चाहा. इसमें गलत क्या है. ना तो हाथ से खाना गलत है और ना ही ओप्रा के इस सवाल में कुछ गलत था. दरअसल हम भारतीय कुछ ज्यादा ही संवेदनशील होते हैं. मुझे नहीं लगता कि ओप्रा ने किसी गलत उद्देश्य से ये सवाल पूछा होगा."

अप्रैल में अपनी भारत यात्रा के दौरान ओप्रा ने मुंबई के अलावा जयपुर में हुए एक साहित्य सम्मेलन में भी हिस्सा लिया था और आगरा में ताज महल की सैर भी की थी. उन्होंने तब कहा था कि वो भारत को अनुभव करने यहां आई हैं.

ओप्रा का ये टीवी शो अमरीका में पहले ही दिखाया जा चुका है. लेकिन भारत में इसका प्रसारण पिछले सप्ताहांत किया गया था.

संबंधित समाचार