संगीत के सागर हैं किशोर दा: जावेद अख्तर

किशोर कुमार
Image caption चार अगस्त को किशोर कुमार की 83वीं जयंती है.

किशोर कुमार संगीत के सागर है. कई गायत तो महज उस सागर की एक धारा मात्र हैं और उसके बावजूद वो अपने क्षेत्र में बहुत कामयाब हैं. इससे साबित होता है कि कितने महान और अद्वितीय गायक थे. किशोर कुमार के बारे में ये बातें कहीं प्रख्यात गीतकार जावेद अख्तर ने.

चार अगस्त को किशोर कुमार की 83वीं जयंती है. और इस मौके पर उनके करोड़ों प्रशंसकों ने उन्हें याद किया.

जावेद अख्तर कहते हैं, "मैं जब 10-11 साल का था तब मैंने उनका गाना सुना, जीवन के सफर में राही मिलते हैं बिछड़ जाने को. तब से मैं उस आवाज का कायल हो गया. मैं तो किशोर कुमार का बहुत ही बड़ा प्रशंसक हूं. मेरा सौभाग्य देखिए कि जब मैंने बतौर गीतकार अपना करियर शुरू किया तो मेरा सबसे पहला गाना देखा एक ख्वाब तो ये सिलसिले हुए, उन्होंने ही गाया. इस तरह से उन्होंने ही मेरा गीतकार का करियर लॉन्च किया."

जावेद अख्तर के मुताबिक आज हर दूसरा गायक किशोर कुमार के गाने की शैली की नकल करता है. लोगों को ये भयंकर भूल करने से बचना चाहिए. किशोर कुमार अपने साथ एक बेहतरीन ओरिजनल स्टाइल लेकर आए. लोगों को उनसे अगर कुछ सीखना चाहिए तो मौलिकता की सीख लेनी चाहिए.

किशोर कुमार की पत्नी लीना चंद्रावरकर उन्हें याद करते हुए कहती हैं, "वो मुझसे अक्सर कहते रहते थे कि जब मैं नहीं रहूंगा उसके बाद भी लोग मुझे याद रखेंगे. मैं कहती थी कि ऐसा नहीं होता. कितने ही महान लोग आए और चले गए. कौन याद रखता है. लेकिन आज जब मैं देखती हूं कि लोग उन्हीं के गाने गाते रहते हैं. टीवी में उन्हें ना जाने कितनी बार इतने सालों बाद भी श्रद्धांजलि दी जाती रहती है तब मुझे लगता है कि मैं उनके पैर छू लूं और कहूं कि आप सही कहते थे. मुझे उस वक्त एहसास ही नहीं था कि मैं कितने महान व्यक्ति की पत्नी हूं."

लीना कहती हैं, "जब किशोर दा को पहला अटैक आया और वो अस्पताल में थे तब भी बीमारी की हालत में उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर गाना गाया जीवन से भरी तेरी आंखें मजबूर करें जीने के लिए. मैं जब किसी बात पर रोती तो वो गाना गाते देख सकता हूं मैं कुछ भी होते हुए, नहीं मैं नहीं देख सकता तुझे रोते हुए."

13 अक्तूबर 1987 को किशोर कुमार अपने चाहने वालों को हमेशा के लिए छोड़ कर चले गए. लेकिन उनके चाहने वालों की आज भी कोई कमी नहीं है.

हाल ही में दिल्ली में चल रहे ओसियान फिल्म महोत्सव में किशोर कुमार की जिंदगी का आखिरी गीत जो अब तक रिलीज नहीं हुआ है उसकी नीलामी हुई और ये गीत 15 लाख रुपए से भी ज्यादा कीमत में नीलाम हुआ.

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