मिडनाइट्स चिल्ड्रन: मिली जुली प्रतिक्रिया

मिडनाइट्स चिलड्रन

ऑस्कर नामांकित भारतीय मूल की कनाडाई फिल्मकार दीपा मेहता की फिल्म मिडनाइट्स चिल्ड्रन को 37वें टोरांटो फिल्म समारोह में मिली जुली प्रतिक्रिया मिली.

ये फिल्म सलमान रश्दी के बुकर पुरस्कार विजेता उपन्यास पर आधारित है. फिल्म रविवार शाम दिखाई गई.

वैसे फिल्म से जुड़े लोग इसे मिली प्रतिक्रिया से खुश हैं. फिल्म के मुख्य पात्र सलीम के पिता की भूमिका निभाने वाले अभिनेता रोनित रॉय ने कहा, "जिस तरह से लोगों ने फिल्म देखने के बाद खड़े होकर तालियां बजाईं वो बहुत उत्साहवर्धक था."

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हालांकि कई समीक्षक फिल्म से खास प्रभावित नहीं दिखे. टोरांटो के द ग्लोब और मेल अखबारों ने लिखा, "रश्दी के स्क्रीनप्ले और दीपा मेहता के निर्देशन में बनी ये फिल्म बहुत बेहतरीन नहीं बन पाई है."

द डेली मेल ने लिखा, "फिल्म की अच्छी, प्रभावशाली स्टारकास्ट है. फिल्म का प्लॉट भी अच्छा है. लेकिन उपन्यास का व्यंग्यपूर्ण लहजा फिल्म में नहीं है. ये आपको अंदर तक उद्वेलित नहीं करती."

द ग्लोब और मेल ने आगे लिखा, "फिल्म में नाममात्र की गति है. बहुत कुछ दिखाया गया है लेकिन फिल्म आपकी भावनाएं जागृत नहीं कर पाती. आप पात्रों के लिए कुछ महसूस नहीं कर पाते."

हॉलीवुड रिपोर्टर ने लिखा, "भारत-पाकिस्तान के 50 सालों के ऐतिहासिक रिश्ते का बेहद विहंगम तरीके से चित्रण किया गया है. लेकिन फिल्म आपको संतुष्ट नहीं कर पाती."

हॉलीवुड ट्रेड पब्लिकेशन ने कहा, "फिल्म सलमान रश्दी के उपन्यास को शब्दश: परदे पर उतारने की कोशिश में कहीं खो जाती है. और देखने वालों के लिए काफी कठिन साबित हो जाती है."

Image caption टोरांटो फिल्म फेस्टिवल में स्क्रीनिंग के मौके पर फिल्म के लेखक सलमान रश्दी के साथ निर्देशक दीपा मेहता

वैसे रश्दी के इस 600 पेज लंबे उपन्यास को परदे पर उतारना कोई आसाम काम नहीं था और दीपा मेहता ने एक एंगेजिंग सिनेमा बनाने की काफी ईमानदार कोशिश की है. फिल्म दो लड़कों की कहानी है जो ठीक उस वक्त पैदा हुए जब भारत ब्रिटिश राज से आजाद हो रहा था.

कलाकारों का बेहतरीन अभिनय

फिल्म में सभी कलाकारों ने बेहतरीन अभिनय किया है. शबाना आजमी, अनुपम खेर, सीमा बिस्वास, राहुल बोस, चार्ल्ड डांस, श्रिया सरन और शहाना गोस्वामी के अलावा नवोदित सत्य भाभा ने फिलम के मुख्य किरदार सलीम और दक्षिण भारतीय सितारे सिद्दार्थ ने शिवा की भूमिका निभाई है.

पिछले टोरांटो फिल्म समारोह में दीपा मेहता और सलमान रश्दी दोनों ने ही बताया था कि उन्होंने फिल्म में काम करने के लिए बॉलीवुड के बड़े बड़े सितारों से बात की थी. लेकिन जब उन सितारों ने काम करने के लिए बहुत ज्यादा कीमतों की मांग की तो उन्होंने उन सितारों को लेने की योजना त्याग दी.

दीपा मेहता ने पिछले साल कहा था, "जब कीमतों को लेकर बात नहीं बनी तो हमने बड़े कलाकारों की जगह सही कलाकारों को लेने फैसला किया. जो कहानी के साथ न्याय कर सकें."

भारत में रिलीज ना होने की आशंका

Image caption फिल्म के प्रीमियर पर अभिनेत्री श्रिया सरन.

मिडनाइट्स चिल्ड्रन को भारत में अब तक कोई डिस्ट्रीब्यूटर नहीं मिल पाया है है इसलिए फिल्म के प्रचार अभियान से जुड़ी एजेंसी ने भारतीय मीडिया को फिल्म के प्रमोशनल इवेंट्स से दूर रखा.

दीपा मेहता की पिछली फिल्मों में से एक 'वॉटर' की शूटिंग भारत में होनी थी, लेकिन वाराणसी में कुछ हिंदू संगठनों के विरोध के बाद इसकी शूटिंग श्रीलंका में की गई थी. मिडनाइट्स चिल्ड्रन की शूटिंग भी बिना शोर शराबे के श्रीलंका में हो गई.

हालांकि ईरान ने श्रीलंका से अपील जरूर की थी कि सलमान रश्दी के उपन्यास पर आधारित इस फिल्म की शूटिंग की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, तब इस अपील के बाद शूटिंग की अनुमति वापस भी ले ली गई थी. लेकिन बाद में दोबारा से फिल्म की यूनिट को शूटिंग की अनुमति मिल गई.

फिलहाल फिल्म के साथ सलमान रश्दी का नाम जुड़ा होने की वजह से और फिल्म में कथित तौर पर इंदिरा गांधी के जिक्र संबंधी खबरों की वजह से इसके भारत में रिलीज होने मे काफी अड़चनें पेश आने की आशंका है.

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