भगवान नहीं बीवी से डरता हूँ: परेश रावल

परेश रावल
Image caption परेश 'ओह माई गॉड' के निर्माता भी हैं.

इस हफ्ते परेश रावल की फिल्म 'ओह माई गॉड' रिलीज़ हो रही है. फिल्म में परेश एक ऐसा किरदार निभा रहे हैं जो भगवान में यकीन नहीं करता.

क्या असल ज़िन्दगी में भी परेश ऐसे ही हैं. क्या सच में वो भगवान में विश्वास नहीं करते, भगवान से नहीं डरते?

इस सवाल का जवाब देते हुए परेश कहते हैं, ''मैं मंदिर जाने वालों में से नहीं हूँ. मैं पत्थर की मूरत में जान नहीं देख सकता और जिसमें जान है मैं उसे पत्थर नहीं समझ सकता. मुझे लगता है कि आपके अच्छे कर्म ही सबसे बढ़िया प्रार्थना हैं.''

अपनी बात को पूरा करते हुए परेश कुछ ये भी कहते हैं, ''अब क्योंकि मैं भगवान को नहीं मानता तो किसी और चीज़ में तो यकीन रखना पड़ेगा न भाई. मैं भगवान से तो नहीं डरता लेकिन हाँ अपनी बीवी से ज़रूर डरता हूँ.''

अब परेश की इस बात में कितनी सच्चाई और कितना मज़ाक ये तो वो ही जाने. 'ओह माई गॉड' की कहानी गुजराती नाटक 'कांजी विर्रुध कांजी' पर आधारित है. एक नाटक को फिल्म में तब्दील करने में क्या मुश्किलें आती हैं इसका जवाब परेश से बेहतर और कौन दे सकता है.

परेश कहते हैं, ''नाटक में तो सिर्फ संवाद होते हैं लेकिन फिल्म में तो दृश्य भी होते हैं. तो आपको अपने नाटक को फिल्म के स्क्रीनप्ले के अनुसार ढालना पड़ता है. यहाँ एक बात और है जिस किसी ने भी नाटक को देखा होता है वो कहानी को जानता है लेकिन जब आप उस नाटक पर आधारित फिल्म बनाते हैं तो उसमें कुछ सरप्राइस भी होना चाहिए.''

फिल्म का नाम है 'ओह माई गॉड', एक ऐसी लाइन जिसे दिन में हम सब शायद पचास बार बोलते हैं. तो 'ओह माई गॉड' को ही फिल्म के शीर्षक के रूप में क्यों चुना गया?

इस सवाल का जवाब देते हुए परेश कहते हैं, ''फिल्म का नाम 'ओह माई गॉड' रखने के पीछे यही तो बात है कि ये एक आम लाइन है जो लोग खूब इस्तेमाल करते हैं लेकिन इस लाइन के बारे में सोचते नहीं हैं. हम दिन में दस बार भगवान का नाम लेते हैं लेकिन क्या कभी हमने भगवान के अस्तित्व पर कोई सवाल उठाया है. जो बात हम दिन में कई बार बोल देते हैं उसके बारे में हमने कभी सोचा ही नहीं. तो बस इसी सोच को बदलने की तो बात है.''

फिल्म में अगर परेश रावल नास्तिक बने हैं तो भगवान की भूमिका में हैं अक्षय कुमार. अक्षय और परेश ने न सिर्फ फिल्म में साथ काम किया है बल्कि दोनों ही इस फिल्म के निर्माता भी हैं. बतौर निर्माता ये परेश की पहली फिल्म है.

तो ये अनुभव कैसा था परेश के लिए? इस सवाल के जवाब में परेश कहते हैं, ''अक्षय तो प्रोडक्शन पहले भी कर चुके हैं, मैं पहली बार प्रोडूसर बना हूँ. जब आप किसी के साथ कोई पार्टनरशिप करते हैं तो आपके दिल में एक सूकून होना चाहिए, विश्वास होना चाहिए. मैंने अक्षय को देखा है. वो एक बहुत ही अच्छे इंसान है. एक अच्छे इंसान के साथ मेरे प्रोडक्शन बैनर की शुरुआत हुई है इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है.''

संबंधित समाचार