माफिया की वजह से कमल हुए बॉलीवुड से दूर

 बुधवार, 7 नवंबर, 2012 को 11:36 IST तक के समाचार

58 साल के हो चुके कमल हासन ने की बीबीसी से खास बातचीत

अभिनेता, निर्माता, निर्देशक, पटकथा लेखक यानी हरफनमौला कमल हासन सात नवंबर को 58 साल के हो रहे हैं.

नायकन, अण्बे शिवम, देवर मगन जैसी चर्चित तमिल फिल्में देने वाले कमल ने 80 के दशक में हिंदी सिनेमा में भी फिल्म एक दूजे के लिए के साथ धमाकेदार एंट्री ली.

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फिर उन्होंने सनम तेरी कसम, गिरफ्तार और सागर जैसी कुछ और हिंदी फिल्में की. लेकिन 90 के दशक की शुरुआत में ही वो हिंदी सिनेमा से दूर हो गए. आखिर क्या वजह थी इस बात की?

बीबीसी से खास बात करते हुए कमल हासन बोले, "मुंबई में अंडरवर्ल्ड के आगाज़ के बाद मैं हिंदी सिनेमा से दूर होता चला गया. इस दौर में हिंदी सिनेमा खासा अनुशासनहीन हो गया था. फिल्मों के बनने में काफी वक़्त लगने लगा था. एक फिल्म दो-दो साल में बनती थी. मैंने सोचा कि इतने वक्त में तो मैं चार अच्छी तमिल फिल्में बना सकता हूं. इसलिए मैं हिंदी सिनेमा से दूर हो गया और दक्षिण भारतीय फिल्मों में फोकस करने लगा."

अनुशासनहीन हो गया था बॉलीवुड

"मुंबई में अंडरवर्ल्ड के आगाज़ के बाद मैं हिंदी सिनेमा से दूर होता चला गया. इस दौर में हिंदी सिनेमा खासा अनुशासनहीन हो गया था. फिल्मों के बनने में काफी वक़्त लगने लगा था. एक फिल्म दो-दो साल में बनती थी. मैंने सोचा कि इतने वक्त में तो मैं चार अच्छी तमिल फिल्में बना सकता हूं."

कमल हासन, अभिनेता, निर्माता, निर्देशक

कमल ने ये भी बताया कि जिस दौर में वो हिंदी फिल्मों में काम कर रहे थे वो बुरा दौर था. कलाकार सेट पर लेट आते थे. शूटिंग वक़्त पर शुरू नहीं होती थी.

कमल कहते हैं, "सिर्फ अमिताभ बच्चन जैसे चंद कलाकार ही थे जो वक़्त के पाबंद थे और समर्पण से काम करते थे. कई बार तो ऐसा भी होता था कि अमित जी सेट पर टाइम से आते और निर्देशक उसके एक-दो घंटे बाद आता."

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अमिताभ बच्चन की आगे तारीफ करते हुए कमल कहते हैं, "सच कहूं तो अमित जी जैसे चंद कलाकारों की वजह से ही बॉलीवुड उस दौर में सरवाइव कर पाया. वरना बड़ा मुश्किल हो जाता." अमिताभ के साथ कमल ने फिल्म 'गिरफ्तार' में काम किया था.

राजकपूर, गुरुदत्त हैं प्रेरणा

कमल हासन फिल्में लिखते भी हैं, निर्माता भी हैं और उनमें काम भी करते हैं. एक साथ इतने रोल्स को वो कैसे अंजाम दे पाते हैं.

इसका जवाब देते हुए कमल कहते हैं, "मुझसे पहले भी कई लोगों ने ये काम किया है. गुरुदत्त और राज कपूर जी जैसे लोग मेरी प्रेरणा हैं. तो फिर मेरे काम को इतना बढ़ा-चढ़ाकर नहीं देखा जाना चाहिए."

कमल हासन अपनी पसंदीदा फिल्मों में चाची 420 को भी रखते हैं. वो कहते हैं, "मैं खुशनसीब था कि परेश रावल, ओम पुरी और अमरीश पुरी जैसे बेहतरीन कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला. साथ ही महान कलाकार जॉनी वॉकर की ये आखिरी फिल्म थी. इस वजह से भी चाची 420 मेरे दिल के काफी करीब है."

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कमल हासन की आने वाली हिंदी फिल्म है विश्वरूप, जो तमिल में विश्वरूपम के नाम से आएगी. इस वक़्त फिल्म के पोस्ट प्रोडक्शन का काम चल रहा है.

फिल्म 'चाची 420' कमल हासन की पसंदीदा फिल्मों में से एक है.

फिल्म में हॉलीवुड टेक्नीशियंस ने भी काम किया है और लंबे समय बाद कलाकार और निर्देशक शेखर कपूर भी इस फिल्म में नज़र आएंगे.

कमल ने बताया कि फिल्म का बजट 100 करोड़ रुपए से ऊपर है लेकिन वो फिल्म की कामयाबी को लेकर आश्वस्त हैं. उन्हें पूरा विश्वास है कि फिल्म अपनी लागत वसूल कर लेगी.

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कमल ने ये भी बताया कि वो विश्वरूप के रिलीज़ होने से पहले ही इसके सीक्वल बनाने का फैसला कर चुके हैं.

हॉलीवुड जाएंगे कमल ?

इसके अलावा कमल हॉलीवुड निर्देशक बैरी ऑस्बॉर्न के साथ जुगलबंदी को लेकर भी खासे उत्साहित हैं. बैरी ने 'लॉर्ड ऑफ द रिंग्स' जैसी चर्चित और कामयाब फिल्म बनाई है.

कमल ने बताया कि बैरी को उनकी फिल्म 'दशावतारम' काफी पसंद आई और वो उनके साथ मिलकर फिल्म करना चाहते हैं. कमल के मुताबिक अभी इस फिल्म की कहानी पर काम चल रहा है.

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