शाहरुख़ की जगह रणबीर पर पैसा?

 मंगलवार, 27 नवंबर, 2012 को 12:17 IST तक के समाचार
स्वदेस

स्वदेस में अपने अभिनय के लिए शाहरुख़ खान को सबसे तारीफ मिली.

हाल ही में अभिनेता रणबीर कपूर ने ये इच्छा जाहिर की थी कि अगर निर्देशक आशुतोष गोवारिकर अपनी फिल्म स्वदेस का दूसरा भाग बनाएं तो वो फिल्म में मुख्य किरदार निभाना चाहेंगे.

स्वदेस फ़िल्म में मुख्य किरदार शाहरुख़ ख़ान ने निभाया था.

रणबीर की इस इच्छा के बारे में जब बीबीसी ने आशुतोष से पूछा तो उन्होंने होठों पर उंगली रख ली.

गोवा में चल रहे अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के दौरान बीबीसी ने आशुतोष से पूछा कि वो स्वदेस पार्ट-2 कब बनाने वाले हैं? इस सवाल पर पहले तो आशुतोष हँस दिए और फिर अपने होठों पर उंगली रख कर ये बता दिया कि वो अभी इस बारे में कुछ नहीं बोलने वाले.

गोवा फ़िल्म महोत्सव

ठीक है स्वदेस पार्ट-2 न सही किसी और बारे में ही बात कर लेते हैं उनसे. सबसे पहले ये जान लेते हैं कि गोवा में चल रहे इस समरोह में उन्हें कितना मज़ा आया?

इस सवाल का जवाब देते हुए आशुतोष कहते हैं, ''मुझे यहां बहुत मज़ा आया. फिल्म महोत्सव के लिए गोवा एक बेहतरीन वेन्यु है. यहां आते ही दिल को एक अजीब सी राहत मिलती है.''

इतना ही नहीं गोवा फिल्म महोत्सव में चल रहे फिल्म बाज़ार से भी खासे प्रभावित हुए हैं आशुतोष. इसकी तारीफ करते हुए वो कहते हैं, ''उभरते हुए फिल्मकारों के लिए फिल्म बाज़ार एक बहुत ही अच्छा प्लैटफॉर्म है. वो अपनी फिल्मों को यहां दुनिया भर के आगे दिखा सकते हैं.''

इस बार समारोह में भारतीय सिनेमा के 100 सालों का जश्न भी मनाया जा रहा है. इन 100 सालों में से 28 फिल्में चुनी गई हैं जिन्हें खास तौर पर यहां दिखाया जा रहा है. इन फिल्मों में आशुतोष की 'लगान' भी शामिल है. क्या कहते हैं वो इस बारे में.

"उभरते हुए फिल्मकारों के लिए फिल्म बाज़ार एक बहुत ही अच्छा प्लैटफॉर्म है. वो अपनी फिल्मों को यहां दुनिया भर के आगे दिखा सकते हैं."

आशुतोष गोवारिकर

आशुतोष कहते हैं, ''ये मेरे लिए बहुत बड़ी बात है. मुझे इस बात की बेहद ख़ुशी है कि लगान 28 फिल्मों की इस सूची में शामिल है. इस सूची में बड़े बड़े निर्देशकों की फिल्में शामिल हैं. मेरे लिए ये गर्व की बात है.''

आशुतोष की फिल्में

आशुतोष की फिल्मों की अगर बात करें तो चाहे वो 'लगान' हो, 'जोधा अकबर' या फिर 'स्वदेस' हर फिल्म का ट्रीटमेन्ट अलग होता है. आशुतोष कहते हैं कि फिल्म को किस तरह से प्रस्तुत करना है ये फिल्म की कहानी पर निर्भर करता है.

वो कहते हैं, ''फिल्म का जो थीम है वो दर्शकों तक पहुंचना चाहिए अगर देश भक्ति पर कोई फिल्म मैं बना रहा हूं तो उससे जुड़ा हर पहलू बाहर आना चाहिए. अगर इतिहास के किसी पन्ने से मैंने कोई कहानी निकाली है तो उससे जुडी बातें मेरी कहानी और प्रस्तुतिकरण में मौजूद होनी चाहिए. ये सब तभी संभव होगा जब मेरी स्क्रिप्ट सशक्त होगी.''

बीबीसी को अपने आने वाले प्रोजेक्ट के बारे में बताते हुए आशुतोष बोले की अभी वो अपनी अगली फिल्म की कहानी पर काम कर रहे हैं और आनेवाले छह महीनों में वो बता देंगे कि ये फिल्म किस बारे में होगी.

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