ये सिनेमा का सुनहरा दौर है: विशाल भारद्वाज

विशाल भारद्वाज
Image caption विशाल की अगली फिल्म का नाम है 'मटरू की बिजली का मंडोला'.

भारतीय सिनेमा 100 साल का होने वाला है. इन 100 सालों में सिनेमा ने कई दौर देखे हैं. लेकिन अगर फिल्मकार विशाल भारद्वाज की मानें तो सिनेमा का सुनहरा दौर तो अब शुरू हुआ है.

इस बारे में विशाल कहते हैं, ''इन 100 सालों में हिंदी सिनेमा ने एक लम्बा सफर तय किया है. लेकिन आज जो दौर चल रहा है, वो सबसे बेहतर है क्योंकि आज हम हर तरह का सिनेमा बना रहे हैं और हमारे पास हर तरह के सिनेमा के लिए दर्शक भी मौजूद हैं. इस बात की मुझे बहुत ख़ुशी है.''

हम किसी से कम नहीं

इन दिनों 43वां गोवा फिल्म महोत्सव चल रहा है, जहां देश-विदेश की कई फिल्में दिखाई जा रही हैं. इस मौके पर विशाल से पूछा गया कि क्या कोई ऐसा क्षेत्र है जहां भारतीय फिल्में अंतरराष्ट्रीय फिल्मों से पीछे हैं?

विशाल कहते हैं, ''हम किसी से कम नहीं हैं. हमारी इंडस्ट्री अपने पैरों पर खुद खड़ी है. भारत की ही आबादी इतनी है कि हमें किसी और के लिए फिल्में बनाने की ज़रूरत ही नहीं पड़ती. ये अच्छी बात भी है और बुरी बात भी.''

भई अब इस बात में क्या अच्छा या बुरा है? विशाल कहते हैं, ''ये अच्छी बात इसलिए है क्योंकि फिर हमें विदेशी बाज़ार की ज़रूरत नहीं है और बुरी इसलिए क्योंकि फिर हम अपनी कहानियों को 'ग्लोबल' ढंग से नहीं बनाते.''

किताबों पर कम फिल्में क्यों?

इस मौके पर विशाल से जब ये पूछा गया कि भारत में किताबों पर आधारित फिल्में इतनी कम क्यों बनती हैं, तो इसके जवाब में वो बोले, ''नहीं ऐसा नहीं है. हमारे यहां भी किताबों पर आधारित फिल्में बनती हैं. हाल ही में मैंने एक फिल्म देखी है जो रवीन्द्रनाथ टैगोर की किताब अर्धांगिनी पर आधारित है. हम अच्छी फिल्में बना रहे हैं.''

खुद शेक्सपियर के नाटकों पर आधारित फिल्में बना चुके विशाल अपनी अगली फिल्म के साथ तैयार हैं. विशाल की अगली फिल्म का नाम है 'मटरू की बिजली का मंडोला'. फिल्म में मुख्य भूमिका में हैं अभिनेता इमरान खान और अनुष्का शर्मा. ये फिल्म अगले साल जनवरी में रिलीज़ की जाएगी.

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