देव आनंद को याद कर रो पड़ीं वहीदा

देव आनंद की मूर्ति के साथ वहीदा रहमान और सुनील आनंद

जिस कलाकार के साथ शूटिंग के दौरान बड़ा मज़ेदार वक्त बिताया हो. सेट पर हंसी मज़ाक किया हो. सिनेमा के बदलते दौर को साथ में देखा हो उस के देहांत के बाद जब उसकी मूर्ति का अनावरण करना पड़े तो कैसा अनुभव होगा. ये वहीदा रहमान से बेहतर शायद कोई बता ना सके.

मंगलवार को मुंबई में वहीदा रहमान ने कई फिल्मों में अपने साथी कलाकार रहे मशहूर अभिनेता देव आनंद की मूर्ति का जब अनावरण किया तो वो अपनी भावनाओं पर काबू ना रख सकीं और स्टेज पर ही फफक कर रो पड़ीं.

वो कहती हैं, "मैंने अपनी पहली ही फिल्म देव के साथ की और अब उनके गुज़रने के बाद मुझे उनकी मूर्ति का अनावरण करना पड़ रहा है. अपने आपको सम्मानित भी महसूस कर रही हूं लेकिन बहुत बुरा भी लग रहा है."

वहीदा और देव आनंद ने सीआईडी, काला बाज़ार, गाइड और प्रेम पुजारी जैसी कामयाब फिल्मों में काम किया.

एक निजी टीवी चैनल ने देव आनंद को श्रद्धांजलि देने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया था. कार्यक्रम में देव आनंद के बेटे सुनील आनंद ने भी शिरकत की. तीन दिसंबर को देव आनंद की पहली पुण्यतिथि थी.

'सिर्फ देव कहो'

देव आनंद के साथ बिताए गए वक्त को याद करते हुए वहीदा ने बताया कि उनकी पहली हिंदी फिल्म सीआईडी थी जिसमें देव आनंद उनके साथ थे. तब तक वो काफी बड़े स्टार बन चुके थे.

Image caption वहीदा रहमान और देव आनंद की जोड़ी वाली सबसे चर्चित फिल्म 'गाइड' थी.

वहीदा के शब्दों में, "मैं सेट पर जाकर जब उन्हें गुड मॉर्निंग मिस्टर आनंद कहती तो वो इधर उधर देखने लगते और कहते तुम किसे गुड मॉर्निंग कह रही हो. मैं कहती आपको. तो कहते मैं कोई मिस्टर आनंद नहीं हूं. मुझे सिर्फ देव कहो."

वहीदा बताती हैं, "जब मैं उनसे कहती कि आप उम्र और तजुरबे दोनों में मुझसे बड़े हैं इसलिए सम्मानसूचक शब्द कहे बिना आपको संबोधित नहीं कर सकती, तो वो कहते अगर मेरी फिल्म की लीडिंग लेडी मुझे साहब या मिस्टर आनंद कहेगी तो मुझे उसके साथ रोमांस करने में दिक्कत होगी."

वहीदा कहती हैं कि देव आनंद काफी मॉडर्न थे लेकिन साथ ही काफी सिंपल थे. "मैंने उन्हें हमेशा उनकी फिएट कार ही ड्राइव करते देखा. वो काम में इतने मशरुफ रहते कि उन्हें कोई और बात सूझती ही नहीं. उन्हें जो अच्छा लगता वो करते. कभी दूसरों की परवाह नहीं करते."

वहीदा रहमान और देव आनंद की जोड़ी पर फिल्माए गए कई गीत भी सुपरहिट रहे. जैसे फिल्म गाइड का गाता रहे मेरा दिल और तेरे मेरे सपने अब एक रंग हैं, सोलहवां साल का है अपना दिल तो आवारा, काला बाज़ार का खोया खोया चांद खुला आसमान जैसे गाने मुख्य हैं.

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