जब कैंसर ने मेरा सामना किया:अनुराग बसु

  • 26 दिसंबर 2012
अनुराग बासु,निर्देशक
Image caption 2004 में अनुराग बासु को पता चला कि उन्हें 'ल्यूकेमिया' है.

हिंदी फिल्म बर्फी के निर्देशक अनुराग बासु एक वक्त कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे.पर उनकी माने तो वो नहीं,कैंसर उनका सामना कर रहा था.

क्रिसमस के मौके पर मुंबई के एक कैंसर अस्पताल में बच्चों से मिलने आए अभिनेता रणबीर कपूर और अनुराग बासु जिन्होंने कहा "रणबीर अक्सर मुझसे पूछता है कि मैंने कैंसर के साथ कैसे डील किया तो मैं कहता हूं कि दरअसल कैंसर ने मेरे साथ डील किया.ऐसा एटीट्यूड रखना बहुत ज़रुरी होता है."

बासु कहते हैं "मैंने हमेशा अपने आपसे कहा जैसे लोग सर्दी खांसी ज़ुकाम की दवाई लेते हैं उसी तरह मैं कैंसर की दवाई लेता हूं. बस इतना ही फर्क है. इन सबके बीच मज़बूत इच्छाशक्ति का होना बहुत ज़रुरी है."

अपने 3 साल के इलाज के वक्त को याद करते हुए बासु ने बताया "मैं उस वक्त को याद करते हुए काफी भावुक हो जाता हूं क्योंकि मेरे इलाज के दौरान अस्पताल में ढेर सारे बच्चे थे जो मेरी हिम्मत बढ़ाते थे."

अनुराग का इलाज करने वाले डॉक्टर श्रीपद बानावली उस वक्त को याद करते हुए कहते हैं "अक्सर वीआईपी लोग बाहर इंतज़ार करना पसंद नहीं करते पर अनुराग बाहर खड़े होकर दो तीन घंटे बच्चों को देखते थे और कहते थे कि ये बच्चे मेरी बैटरी चार्ज करते हैं. अनुराग 17 दिन वेंटिलेटर पर रहे पर उन्होंने बहुत साहस दिखाया."

2004 में अनुराग बासु को पता चला कि वो ल्यूकेमिया नाम के कैंसर से पीड़ित हैं. उस वक्त वो फिल्म 'तुमसा नहीं देखा' का निर्देशन कर रहे थे.

बाद में ये फिल्म महेश भट्ट और मोहित सूरी ने पूरी की.

तीन साल के इलाज के बाद अनुराग इस बीमारी से जीत पाए और उन्हें अमेरिकन कैंसर सोसायटी द्वारा कैंसर सरवाईवर का अवार्ड भी दिया गया.

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