मेलुहा,भारत की लॉर्ड ऑफ द रिंग्स नहीं!

करण जौहर और अमीष त्रिपाठी
Image caption लेखक अमीष त्रिपाठी के उपन्यास पर करण जौहर फिल्म बनाने जा रहे हैं.

यूं तो निर्माता-निर्देशक करण जौहर ने बेस्टसेलर उपन्यास "मेलुहा के मृत्युंजय" के फिल्म-अधिकार पहले ही खरीद लिए हैं लेकिन फिल्म पर काम अभी तक शुरु नहीं हुआ है.

करण के मुताबिक "लोग कहते हैं कि ये भारत की लॉर्ड ऑफ द रिंग्स हो सकती है पर मुझे लगता है कि किसी से तुलना करना ठीक नहीं.अपने आपको किसी तुलना में सीमित क्यों करना. हमारे लिए तो इसे बनाना ही अपने आप में एक अनुभव है."

लेखक अमीष त्रिपाठी का तीसरी उपन्यास "वायुपुत्रों की शपथ" के कवर का विमोचन करण जौहर द्वारा किया गया.

इस मौके पर करण ने अमीष के पहले उपन्यास को बड़े पर्दे पर दिखाने की बात करते हुए कहा "अगर हम मेलुहा को सिनेमा पर सबसे बेहतरीन तरीके से प्रस्तुत करके इसे एक प्रैंचाइज़ बना पाए तो ये बड़ी बात होगी.ये मेरे लिए कोई मामूली फिल्म नहीं है."

भगवान शिव पर आधारित इस उपन्यास को फिल्म में तब्दील करने की चुनौतियों के बारे में बताते हुए करण कहते हैं "ये एक ऐसी फिल्म है जो हमारी प्रोडक्शन कंपनी के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है इसलिए हमें एक ख़ास टीम बनानी है जो इस फिल्म के लिए पटकथा रच सके."

फिल्म में मुख्य भूमिका के बारे में कुछ भी साफ ना करते हुए करण ने कहा "इन सारे सवालों के जवाब मैं तब दूंगा जब सब कुछ तय हो जाएगा. फिलहाल तो सबसे बड़ा काम है इस कहानी को सिनेमा की भाषा में बदलना जो एक बहुत चुनौतीपूर्ण काम है."

किताबों के बारे में अपनी रुचि बताते हुए करण ने बताया कि उन्हें फिक्शन पढ़ना ज़्यादा पसंद है. करण के अनुसार "हमारी ज़िंदगी ही नॉन फिक्शन है इसलिए जब मैं पलायन के मूड में होता हूं तो फिक्शन किताबों का सहारा लेता हूं."

लेखक अमीष त्रिपाठी की शिवा ट्रायलॉजी के तहत तीन उपन्यास हैं. 'मेलुहा के मृत्युंजय' और 'नागाओं का रहस्य' के प्रकाशन के बाद अमीष का तीसरा उपन्यास "वायुपुत्रों की शपथ" है .

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