ओसामा पर बनी फिल्म में प्रताड़ना के दृश्यों पर विवाद

ज़ीरो डार्क थर्टी
Image caption ज़ीरो डार्क थर्टी में ओसामा बिन लादेन को ढूँढने का अभियान दिखाया गया है

ओसामा बिन लादेन की मौत से जुड़े अभियान पर बनी हॉलीवुड फिल्म ज़ीरो डार्क थर्टी में प्रताड़ना के दृश्य दिखाए जाने का निर्देशक कैथरीन बिगलो ने बचाव किया है.

कैथरीन ने बीबीसी को बताया, “ये कहानी का हिस्सा है. इन दृश्यों को फिल्म में न लेने का मतलब है इतिहास को नकारना.”

हालांकि कैथरीन ने ये भी कहा है कि उनकी फिल्म ये नहीं दर्शाना चाहती कि ओसामा को इस तरह की पूछताछ की तकनीकों के बगैर ढूँढा नहीं जा सकता था.

ऐसा कहा जा रहा है कि प्रताड़ना के दृश्यों को लेकर हुए विवादों के कारण ज़ीरो डार्क थर्टी के ऑस्कर जीतने की संभावनाएँ प्रभावित हुई हैं.

इसके बावजूद 61 वर्षीय कैथरीन ने कहा है कि वे अपनी फिल्म में कोई बदलाव नहीं करना चाहेंगी.

विवादों की छाया

ज़ीरो डार्क थर्टी को ऑस्कर में पाँच नामांकन मिले हैं लेकिन अमरीकी प्रशासन में कुछ लोग फिल्म की आलोचना कर रहे हैं.

कुछ सीनेटरों की शिकायत है कि ये फिल्म इस मिथक को बढ़ावा देती है कि प्रताड़ना कारगर साबित होती है.

निर्देशक कैथरीन बिगलो का तर्क दूसरा है. वो कहती हैं, “फिल्म दिखाती है कि ओसामा के छिपने की जगह ढूँढने के लिए 10 सालों में कई तरह के तरीके इस्तेमाल किए गए. ”

ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान के ऐबटाबाद में ढूँढा गया था जहाँ अमरीकी नेवी सील्स ने 2011 में हमला किया था. यही फिल्म का क्लाइमेक्स भी है.

इस फिल्म के लिए कुछ दिन पहले ही अभिनेत्री जेसिका चेस्टन को सीआईए एजेंट के रोल के लिए ड्रामा वर्ग में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला था.

कैथरीन बिगलो को 2010 में द हर्ट लॉकर के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का ऑस्कर पुरस्कार मिला था.

लेकिन निर्देशक के मुताबिक, “पुरस्कार जीतने से ज़्यादा जरूरी होता है कि दर्शक फिल्म को अपनाएँ. उनके लिए ही तो आप फिल्म बनाते हैं.”

अपनी फिल्म को कैथरीन उस काली, स्याह दशक में झाँकने की एक कोशिश मानती हैं जो सितंबर 2001 के हमलों के साथ शुरु हुई थी."

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