फिल्मों पर प्रतिबंध असंवैधानिक:आर बाल्की

 शुक्रवार, 25 जनवरी, 2013 को 12:38 IST तक के समाचार
विश्वरूपम,तमिल फिल्म

तमिल सुपरस्टार कमल हासन की फिल्म 'विश्वरूपम' पर प्रतिबंध लगा दिया गया. कारण- कुछ मुस्लिम संस्थानों ने फिल्म को सांप्रदायिक कहकर विरोध प्रदर्शन किया जिसके बाद तमिलनाडु सरकार ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया था.

इस फैसले पर फिल्म जगत के कई लोगों ने नाराज़गी जताई. खुद कमल ने इसे सांस्कृतिक आतंकवाद कहा तो हिंदी फिल्मों के निर्माता-निर्देशक आर बाल्की ने इसे असंवैधानिक बताया.

हिंदी और तमिल फिल्मों के अभिनेता प्रकाश राज ने बीबीसी से बातचीत में कहा "भारत जैसे प्रजातांत्रिक देश में इस तरह का प्रतिबंध अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सीधे सीधे हनन है.कमल ने ये फिल्म तमिल,तेलेगु और हिंदी सेंसर बॉर्ड को दिखाई है,उन्होंने फिल्म को पास किया और अब एक संगठन के विरोध से फिल्म बैन कर दी गई."

"मलेशिया जैसे मुस्लिम देश में इस फिल्म को सेंसर बॉर्ड द्वारा पास कर दिया गया है और यहां हम एक छोटे से संगठन के विरोध की बात कर रहे हैं."

प्रकाश राज,अभिनेता

प्रकाश राज के मुताबिक "मलेशिया जैसे मुस्लिम देश में इस फिल्म को सेंसर बॉर्ड द्वारा पास कर दिया गया है और यहां हम एक छोटे से संगठन के विरोध की बात कर रहे हैं."

असंवैधानिक ?

इंग्लिश-विंग्लिश के निर्माता आर बाल्की ने बीबीसी से बात करते हुए कहा "ये बिल्कुल असंवैधानिक है,अवैध है,ये गलत है.राज्य सरकार को इसके लिए दण्ड मिलना चाहिए.कमल हासन को जो नुकसान हो रहा है उसका मुआवज़ा देना चाहिए राज्य सरकार को."

"ये बिल्कुल असंवैधानिक है,अवैध है,ये गलत है.राज्य सरकार को इसके लिए दण्ड मिलना चाहिए.कमल हासन को जो नुकसान हो रहा है उसकी भरपाई करनी चाहिए राज्य सरकार को"

आर बाल्की,निर्माता-निर्देशक

बाल्की का कहना है "हर फिल्म एकदम ब्लैक और व्हाइट नहीं हो सकती.फिल्म बनाने वाले का अपना अपना नज़रिया होता है और मुझे यक़ीन है कि कमल हासन इतने समझदार हैं कि क्या दिखाना चाहिए और क्या नहीं,ये उन्हें पता है."

सेंसर का काम

फिल्मकार महेश भट्ट ने ट्वीट किया है "साफ है कि अगर सेंसर बॉर्ड ने फिल्म को लोगों के देखने लायक माना है तो फिर उसकी स्क्रीनिंग पर प्रतिबंध करने का क्या मतलब." वहीं यूटीवी प्रमुख रॉनी स्क्रूवाला लिखते हैं"मुझे लगता है हम पराकाष्ठा की सीमा पार कर रहे हैं. हर चीज़ के लिए नैतिक पुलिसिंग बिल्कुल सही नहीं है."

फिल्मों और किताबों पर बार-बार इस तरह के प्रतिबंध लगने के पीछे का कारण बताते हुए आर बाल्की कहते हैं "ये हर बार झुक जाने का नतीजा है.कोई भी संगठन उठकर विरोध दिखाता है,सरकार उसकी बात पर झुक जाती है और प्रतिबंध लगा देती है.सरकार को भी नियमों का पालन करने की ज़रुरत है."

बाल्की का सवाल है कि मान लीजिए बाद में हाईकोर्ट द्वारा सरकार के आदेश को पलट दिया जाता है तब भी निर्माता को जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई कौन करेगा?

गौरतलब है कि मद्रास हाई कोर्ट ने फिल्म 'विश्वरूपम' की रिलीज़ पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी है. अब कमल हासन की याचिका पर 28 जनवरी को फिर सुनवाई होगी.

फिल्म का तमिल संस्करण शुक्रवार, 25 जनवरी को रिलीज़ होना था.

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