मद्रास कैफ़े होगी भारत की आर्गो?

जॉन अब्राहम, अभिनेता और निर्माता
Image caption बतौर निर्माता जॉन अब्राहम की अगली फिल्म मद्रास कैफे है.

अपनी अगली फ़िल्म 'मद्रास कैफ़े' को लेकर जॉन अब्राहम का दावा है कि इसे लेकर वो पश्चिमी देशों में जा कर कहेंगे कि 'हम ऐसी भी फ़िल्में बनाते हैं'.

'मद्रास कैफ़े' ' विक्की डोनर' के बाद जॉन अब्राहम की प्रोडक्शन कंपनी की अगली फ़िल्म है और इसमें वो अभिनय भी कर रहे हैं.

मीडिया से बातचीत के दौरान जॉन ने कहा "जब मैंने अपने स्टूडियो वालों को मद्रास कैफ़े के रश दिखाए तो उन्होंने मुझे धन्यवाद दिया कि वो इस फ़िल्म का हिस्सा बने हैं क्योंकि ये फ़िल्म भारत की आर्गो है. वैसे तो ये फ़िल्म 30 अगस्त को रिलीज़ होगी लेकिन इसका असर क्या होगा वो मैं अभी से देख पा रहा हूं."

हाल ही में संपन्न हुए ऑस्कर समारोह में निर्देशक बेन एफ़लेक की फ़िल्म आर्गो को सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म का पुरस्कार मिला था. यह फ़िल्म 1979 में ईरान में हुई क्रांति के दौर में चित्रित है. इसकी कहानी उस घटना पर आधारित है जब ईरान ने अमरीकी दूतावास पर कब्ज़ा कर के इसके सभी कर्मियों को 444 दिनों तक बंधक बना कर रखा था.

जॉन ने मद्रास कैफ़े के बारे में कहा, "ये एक सिपाही की कहानी है जो भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ में दाखिल होता है और फिर उसे श्रीलंका में जाफ़ना भेज दिया जाता है. मेरे हिसाब से मद्रास कैफ़े एक अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म है. ये ऐसी फ़िल्म है जिसे दिखाकर हम कह सकते हैं कि हमारे यहां ऐसी भी फ़िल्में बनती हैं."

बॉलीवुड की पहचान

बॉलीवुड की फ़िल्मों के बारे में बात करते हुए जॉन ने कहा, "मुझे हाउसफुल 2 किस्म की फ़िल्में बहुत पसंद है क्योंकि ये मुझे हंसाती हैं. जब हम बाहर जाते हैं तो सिर्फ यही फ़िल्में बॉलीवुड की पहचान बन जाती हैं. मैं चाहता हूं कि मद्रास कैफ़े को पश्चिम में ले जाकर कहूं कि सुनो ये फ़िल्म अगर बेहतर नहीं तो कम से कम उतनी ही अच्छी है जितनी की तुम्हारी फ़िल्में होती हैं."

फ़िल्म के रिलीज़ के संदर्भ में जॉन ने कहा "मैं मद्रास कैफ़े को सिर्फ उत्तर अमरीका में बसे भारतीयों के लिए ही नहीं, पूरे उत्तर अमरीका के मार्केट में रिलीज़ करना चाहूंगा उसी तरह जैसे कोई भी अन्य अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म रिलीज़ होती है. इसके लिए मैं पैरामाउंट कंपनी से बात भी कर रहा हूं, मैं इसे बड़ा बनाना चाहता हूं."

कुछ अलग बनाऊंगा

अपने फ़िल्मी करियर की बात करते हुए जॉन कहते हैं, "आदित्य चोपड़ा ने मुझसे कहा था कि मैंने नॉन कमर्शियल फ़िल्मों को लेकर हमेशा अच्छे निर्णय लिए हैं फिर वो नो स्मोकिंग हो, वॉटर हो या फिर काबुल एक्सप्रेस. जॉन का मतलब है कुछ अलग करना जो मैंने विक्की डोनर बनाते वक्त भी दिखा दिया."

अपनी बात पूरी करते हुए जॉन ने कहा, "अगर मैं रेस 2 या हाउसफुल 2 करुंगा तो आई मी और मैं भी करुंगा. अगर दोस्ताना 2 या शूट आउट एट वडाला में काम करुंगा तो मद्रास कैफ़े जैसी फ़िल्म भी बनाऊंगा."

मद्रास कैफ़े को लेकर जॉन का उत्साह और उनका दावा देखते ही बनता है. ये फ़िल्म जॉन की आशाओं पर कितना खरा उतरेगी जानने के लिए 30 अगस्त का इंतज़ार करना होगा जब फ़िल्म रिलीज़ होगी.

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