काश मैं इस दौर में हीरोइन होती: माला सिन्हा

  • 27 अप्रैल 2013
माला सिन्हा
Image caption माला सिन्हा को दादा साहब फालके अकादमी सम्मानित करेगी.

'प्यासा', 'धूल का फूल', 'दिल तेरा दीवाना', 'गुमराह' और 'हिमालय की गोद में' जैसी चर्चित फिल्मों की अभिनेत्री माला सिन्हा मौजूदा दौर के सिनेमा से खासी प्रभावित हैं.

मुंबई में दादा साहब फाल्के अकैडमी द्वारा आयोजित एक समारोह में पहुंची माला सिन्हा कहती हैं, "मैं मानती हूं कि सिनेमा में आया बदलाव अच्छा है. हमारे ज़माने में फिल्में खासी धीमी गति से बनती थीं. अब तो तकनीक काफी उन्नत हो गई है. काश मैं इस ज़माने में काम कर रही होती."

उन्होंने आगे कहा, "हम आज के ज़माने में होते तो सच में खासा मज़ा आता. तकनीक की मदद से हमें काफी स्टंट्स करने को मिलते और हम इसका लुत्फ उठाते."

पसंदीदा फिल्म

माला सिन्हा ने 60 और 70 के दशक में कई फिल्मों में अपनी खूबसूरती और अभिनय से दर्शकों का दिल जीता.

बीआर चोपड़ा की फिल्म 'गुमराह' को वो अपनी पसंदीदा फिल्म मानती हैं. इसमें उनके साथ सुनील दत्त, अशोक कुमार और निम्मी की मुख्य भूमिका थी. इस समारोह में निम्मी भी माला सिन्हा के साथ मौजूद थीं.

माला सिन्हा फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा होने पर गर्व महसूस करती हैं. उन्होंने कहा, "फिल्म इंडस्ट्री ने कोलकाता से आई मेरे जैसी सामान्य लड़की को बुलंदियों पर पहुंचाया. इसी ने मेरे अंदर के टैलेंट को एक प्लेटफॉर्म दिया."

दादा साहब फाल्के का जन्मदिन

भारतीय सिनेमा के पितामह कहे जाने वाले दादा साहब फाल्के का जन्मदिन 30 अप्रैल को है.

उन्हें याद करते हुए माला सिन्हा कहती हैं, "दादा साहब की वजह से ही हम सभी कलाकारों की आज तक दाल रोटी चल रही है. वो ना होते तो हम में से कोई भी ना होता."

इसी उपलक्ष्य में दादा साहब फाल्के अकादमी द्वारा आयोजित एक समारोह में आशा भोसले, माला सिन्हा, प्रेम चोपड़ा, दिवंगत यश चोपड़ा और राजेश खन्ना जैसी हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा.

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