अमिताभ बच्चन ने ये रोल क्यों किया ?

अमिताभ बच्चन, जया बच्चन
Image caption न्यूयॉर्क में फिल्म 'द ग्रेट गैट्सबी' के प्रीमियर पर अमिताभ बच्चन और जया बच्चन.

सत्तर साल की उम्र में बॉलीवुड के सुपरस्टार अमिताभ बच्चन ने हॉलीवुड में पहला कदम रखा. ऑस्ट्रेलियाई निर्देशक बैज़ लर्मन की फ़िल्म 'द ग्रेट गैट्सबी' इस सप्ताह रिलीज़ हुई जिसमें उनका एक बेहद नन्हा सा रोल है.

हालांकि कई लोग इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि उनके जैसे कद के कलाकार को इतना छोटा सा रोल करने की क्या ज़रूरत पड़ गई.

अमरीकी मीडिया में भी उन्हें बड़ी मिली जुली प्रतिक्रिया मिल रही है.

पत्रिका न्यूयॉर्कर ने लिखा कि शायद बैज लर्मन ने यहूदी विरोधी होने के आरोप से बचने के लिए ये किरदार गढ़ा. लेकिन ये बेतुका प्रयास था. इसकी कोई ज़रूरत नहीं थी.

लेकिन उनके लिए तारीफें भी आ रही हैं.

अमिताभ ने फिल्म में एक यहूदी (ज्यूइश) गैंगस्टर का किरदार गढ़ा है.

मशहूर अमरीकी ट्रेड मैग्ज़ीन वैरायटी ने तो उनके अभिनय को फ़िल्म का सर्वश्रेष्ठ परफॉरमेंस बता दिया.

मैग्ज़ीन ने लिखा, " बॉलीवुड सुपरस्टार ने काफी देर से हॉलीवुड में एंट्री ली. उनका रोल बेहद छोटा है. लेकिन पूरी फ़िल्म की सबसे अच्छी परफॉरमेंस अमिताभ की ही है."

ख़ुद अमिताभ बच्चन ने इस तरह की प्रतिक्रिया पर हैरानी जताते हुए लिखा, "मैं बहुत ही हैरान हूं कि मेरे इतने छोटे से रोल के लिए इस तरह की बातें और तारीफ हो रही हैं."

न्यूयॉर्क में बच्चन-बच्चन

फ़िल्म में अमिताभ बच्चन ने सिर्फ दो मिनट की छोटी सी भूमिका अदा की है.

'द ग्रेट गैट्सबी' में लियोनार्डो डी कैप्रियो और टॉमी मैक्ग्वायर ने मुख्य भूमिका निभाई है.

बीते दिनों फ़िल्म का प्रीमियर न्यूयॉर्क में हुआ तो अमिताभ बच्चन के चाहने वालों की वहां भीड़ लग गई.

अमिताभ बच्चन के लिए जितनी आवाज़ें वहां लग रही थीं, उस माहौल ने अमरीकी मीडिया को भी चकित कर दिया.

चारों तरफ से अमिताभ-अमिताभ और बच्चन-बच्चन जैसी आवाज़ें आ रही थीं.

कई लोगों का तो ये भी आकलन है कि अमिताभ को वहां लियोनार्डो डी कैप्रियो जैसे बड़े हॉलीवुड स्टार से ज़्यादा तवज्जो मिली.

सवाल

लेकिन सवाल फिर भी उठ रहे हैं.

सबसे बड़ा सवाल ये कि क्यों बॉलीवुड के सितारे, हॉलीवुड की फ़िल्मों में छोटे और मामूली से रोल निभाने के लिए तैयार हो जाते हैं.

क्यों वो ऐसे रोल करने के लिए सहर्ष तैयार हो जाते हैं जो उनके कद के हिसाब से कहीं नहीं ठहरते.

मशहूर फ़िल्म आलोचक नम्रता जोशी इस मामले में अमिताभ को तो क्लीन चिट दे देती हैं.

Image caption टॉम क्रूज़ की फिल्म 'मिशन इंपासिबल-द घोस्ट प्रोटोकॉल' में अनिल कपूर का नाम-मात्र का रोल था.

वो कहती हैं, "मुझे नहीं लगता कि करियर के इस पड़ाव पर अब अमिताभ को कुछ साबित करने की ज़रूरत है. वो सब कुछ कर चुके हैं. तो ऐसे में उन्हें लगा होगा कि चलो मौज मस्ती के लिए ये भी करके देख लिया जाए."

बड़ी-बड़ी बातें

ग़ौरतलब है कि ख़ुद अमिताभ ने 'द ग्रेट गैट्सबी' की रिलीज़ से पहले ही काफी बार अपने प्रशंसकों को आगाह कर दिया था कि फ़िल्म में बस उनका बेहद छोटा रोल है.

लेकिन इससे पहले कई भारतीय सितारों ने हॉलीवुड फ़िल्मों में अपने रोल के बारे में बढ़-चढ़कर बातें कीं.

हालांकि बाद में जब उनके प्रशंसकों ने वो फ़िल्में देखीं तो उन्हें बड़ी निराशा हाथ लगी.

अनिल कपूर की टॉम क्रूज़ अभिनीत फ़िल्म 'मिशन इंपॉसिबल-द घोस्ट प्रोटोकॉल' की बड़ी चर्चाएं थीं.

लेकिन जब फ़िल्म रिलीज़ हुई तो उनके बेहद छोटे और ग़ैर महत्वपूर्ण रोल के लिए उनकी बड़ी आलोचनाएं भी हुईं और उनके प्रशंसकों को निराशा भी हाथ लगी.

'द मिथ'

मल्लिका शेरावत ने जैकी चेन के साथ अपनी फ़िल्म 'द मिथ' रिलीज़ होने से पहले काफी ढोल पीटे.

लेकिन जिन्होंने फ़िल्म देखी वो जानते हैं कि मल्लिका फ़िल्म में कुल जमा 10 मिनट से ज़्यादा नहीं थीं.

नम्रता कहती हैं, "बॉलीवुड में शायद ये मानसिकता है कि हॉलीवुड हमसे बड़ा है, तो हम वहां जाएं और धाक जमा दें. शायद इस चक्कर में वो ये रोल करने को तैयार हो जाते हैं. मिशन इंपॉसिबल में अनिल कपूर और इससे पहले लीग ऑफ एक्स्ट्रॉ ऑर्डिनरी जेंटलमैन में नसीरुद्दीन शाह जैसे कलाकार को देखकर मुझे बड़ी निराशा हाथ लगी. उनके जैसे कद के कलाकार को ऐसे रोल करना शोभा नहीं देता."

नम्रता के मुताबिक बीते कुछ सालों में सिर्फ ओमपुरी ही ऐसे सितारे हैं जिन्होंने विदेशी फ़िल्मों में बढ़िया तालमेल बनाया.

उन्होंने वेस्ट इज़ वेस्ट और ईस्ट इज़ ईस्ट जैसी ब्रिटिश फ़िल्मों में मुख्य किरदार निभाकर झंडे गाड़ दिए.

सीमाएं

लेकिन फिर समीक्षकों का मानना है कि दरअसल हॉलीवुड अपनी फ़िल्मों में ज़्यादा भारतीय किरदार तो दिखा नहीं सकता.

वहां की संस्कृति और लोगों की मानसिकता के हिसाब से ही उन्हें फ़िल्में बनानी पड़ेंगी.

और उसके हिसाब से भारतीय किरदार ज़्यादा फिट नहीं बैठते.

ऐसे में भारतीय कलाकारों के लिए वहां की फ़िल्मों में ज़्यादा स्कोप बचता नहीं.

एक बार शाहरुख खान ने एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर हॉलीवुड की किसी फ़िल्म में उनके व्यक्तित्व के हिसाब से कोई रोल हुआ तो वो ज़रूर करेंगे लेकिन ऐसा करते वक़्त वो इस बात का पूरा ध्यान रखेंगे कि उस रोल से भारत में उनकी इमेज और विश्व भर में फैले उनके प्रशंसकों को ठेस ना पहुंचे और उनकी उम्मीदों को झटका ना लगे.

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