जेल में पेपरबैग बनाएंगे अभिनेता संजय दत्त

  • 1 जून 2013

1993 में हुए बंबई बम धमाके से जुड़े एक मामले में पुणे की येरवडा जेल में सजा काट रहे अभिनेता संजय दत्त अब पेपर बैग बनाएंगे.

जेल के एक अधिकारी ने कहा कि संजय दत्त को जेल में काग़ज़ के लिफ़ाफ़े बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा.

जेल में क़ैदियों से कुछ न कुछ काम लिया जाता है और इसके एवज़ में उन्हें उनके काम के आधार पर प्रति दिन मेहनताना भी दिया जाता है.

इस बात को लेकर कयास लगाए जा रहे थे कि अभिनेता संजय दत्त से जेल प्रशासन क्या काम लेता है?

घर का खाना

16 मई को सरेंडर के बाद संजय दत्त को पहले मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा गया था और फिर उन्हें पुणे की येरवडा जेल में शिफ्ट कर दिया गया था.

सरेंडर के बाद से टाडा कोर्ट के आदेश के मुताबिक संजय के लिए खाना घर से ही आता है. लेकिन जेल अधिकारियों ने 28 मई को टाडा अदालत में ये कहते हुए आवेदन किया है कि ये जेल मैन्युअल का उल्लंघन है. जेल नियमावली के अनुसार क़ैदियों को जेल की रसोई में बना खाना ही परोसा जाता है.

येरवडा जेल के आवेदन पर कोर्ट ने अभी कोई फैसला नहीं दिया है.

मामला

Image caption 1993 के मुंबई धमाकों से जुड़े एक मामले में संजय दत्त को सज़ा सुनाई गई है.

सुप्रीम कोर्ट ने 1993 के बम धमाकों से जुड़े मामले में संजय दत्त को पाँच साल की सज़ा सुनाई है. संजय दत्त को अवैध रूप से हथियार रखने का दोषी पाया गया था.

संजय दत्त डेढ़ साल की सज़ा पहले ही काट चुके हैं. उन्हें जेल में साढ़े तीन साल का समय और बिताना होगा.

जेल में संजय दत्त की वर्तमान आय मात्र 25 रुपए प्रतिदिन है. प्रशिक्षण पूरा करने के बाद संजय कागज के लिफाफे बना कर 40 से 45 रुपए प्रतिदिन कमा सकेंगे.

53 वर्षीय संजय दत्त ने टाडा अदालत में समर्पण के बाद जज से अपील की थी कि उन्हें पंखा और इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट उपलब्ध कराई जाए. अदालत ने पंखे की मांग तो मान ली, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट की मांग को ठुकरा दिया.

ई-सिगरेट के लिए दत्त की गुजारिश पर जज ने उन्हें धूम्रपान छोड़ने की सलाह दी थी.

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