क्या पाकिस्तान में क़बूल होगी 'अर्थ'

  • 24 जुलाई 2013
अर्थ
Image caption 1983 में रिलीज़ हुई महेश भट्ट की फिल्म 'अर्थ' का अब पाकिस्तान में रीमेक बनाया जाएगा.

1983 में रिलीज़ हुई थी महेश भट्ट की फिल्म 'अर्थ'. विवाहेतर संबंधों पर आधारित इस फिल्म ने तत्कालीन भारतीय समाज के नियमों को चुनौती दी.

ख़ुद निर्देशक महेश भट्ट के जीवन पर आंशिक रूप से आधारित इस फिल्म का अब पाकिस्तान में रीमेक बनेगा और इसे बनाने का बीड़ा उठाया है मशहूर पाकिस्तानी अभिनेता-निर्माता शान ने.

सवाल ये उठता है कि इतने बोल्ड विषय को क्या पाकिस्तान के दर्शक स्वीकार कर पाएंगे.

इसके जवाब में महेश भट्ट कहते हैं, "मौजूदा पाकिस्तान में भी औरतों की सोच सर चढ़कर बोल रही है. स्त्री-पुरुष की समानता का मुद्दा सिर्फ भारत का नहीं है. ये पूरे दक्षिण एशिया का अहम मुद्दा है. औरतों की सोच की हमारे समाज में धीरे-धीरे अहमियत बढ़ रही है. शायद इसलिए शान ने इस फिल्म को बनाने का सोचा."

(पढ़िए: मीरा की भारतीय अभिनेत्रियों को चुनौती)

बोल्ड फिल्म

लेकिन महेश भट्ट ने माना कि फिल्म का विषय अभी के समाज के हिसाब से भी बोल्ड है.

वो कहते हैं, "हमारे समाज में हमारे पुरखे बताते चले आ रहे हैं कि औरत मर्द की बैसाखी के बिना नहीं चल सकती. हमने इसी सोच को अर्थ में चैलेंज किया था. सच्चाई ये है कि औरत को किसी के सहारे की ज़रूरत नहीं है. वो अकेली चल सकती है."

Image caption 'अर्थ' का रीमेक पाकिस्तानी अभिनेता और निर्माता शान बनाएंगे.

महेश भट्ट की इस फिल्म को तब कला और व्यावसायिक सिनेमा के बीच की खाई पाटने वाली फिल्म समझा गया था.

फिल्म को लिखने की ज़िम्मेदारी शगुफ़्ता रफ़ीक़ को दी जा सकती है जिन्होंने ख़ुद भट्ट कैंप की कई फिल्मों की कहानी लिखी.

लेकिन बीबीसी से बात करते हुए शगुफ़्ता ने कहा, "अगर शान, पुरानी अर्थ के जैसे का तैसा बनाने का फैसला करते हैं तब तो मेरी कोई ज़रूरत नहीं है. हां, अगर वो पुरानी कहानी में कुछ बदलाव करना चाहते हैं और मुझसे कहानी लिखने को कहते हैं तो मैं लिख दूंगी."

शान ने महेश भट्ट से फिल्म बनाने की इजाज़त ले ली है. वो फिल्म का निर्देशन करने के अलावा मुख्य भूमिका भी निभाएंगे जो महेश भट्ट की 'अर्थ' में कुलभूषण खरबंदा ने निभाई थी.

1983 की 'अर्थ' में शबाना आज़मी और स्मिता पाटिल ने भी अहम भूमिकाएं निभाई थीं.

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